चित्रकूट। पहाड़ी थाना क्षेत्र के अशोह गांव में भाजपा नेता के प्लॉट में हुए विस्फोट का खुलासा हफ्ते भर बाद भी नहीं हो सका है। जांच अब फॉरेंसिक और डीएनए रिपोर्ट पर अटकी है।
12 सितंबर को भाजपा आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक जगदीश गौतम के खाली प्लॉट में धमाका हुआ था। मौके से एक पैर प्लाट में और दूसरा करीब 300 मीटर दूर खेत में मिला था। शुक्रवार को टीमें कौशांबी, फतेहपुर, प्रयागराज और बांदा में गुमशुदा लोगों के बारे में जानकारी जुटाती रही। भाजपा नेता जगदीश गौतम ने एसपी से जल्द खुलासे की मांग की है। उनका कहना है कि साजिश के तहत उनके प्लाट का इस्तेमाल कर छवि धूमिल की जा रही है।
घटनास्थल पर मिली बारूद, बैटरी के टुकड़े, इलेक्ट्रॉनिक प्लेट, कपड़ों के चीथड़े और हड्डियों के नमूनों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि देसी या सुतली बम था या डेटोनेटर से जुड़ा विस्फोटक था।
सूत्रों के मुताबिक विस्फोट में अमोनियम नाइट्रेट के इस्तेमाल की आशंका है। उधर, मृतक की पहचान सबसे बड़ी चुनौती है। मौके से केवल दो कटे व जले हुए पैर मिले हैं। पुलिस ने अवशेषों का डीएनए सैंपल लेकर सुरक्षित किया है। आसपास के थानों में गुमशुदा लोगों की सूची खंगाली जा रही है।
भरतकूप क्षेत्र में दर्जनों पत्थर खदानें हैं जहां डेटोनेटर और विस्फोटक का इस्तेमाल होता है। शुक्रवार को पुलिस की एक टीम मल्होत्रा, शिवमंगल, सुशील गुप्ता, बब्बू त्रिपाठी, राकेश यादव सहित अन्य कई खदान संचालकों से पूछताछ की। साथ ही काम करने वाले मजदूरों के बारे में भी जानकारी जुटाई। इसके अलावा अशोह, बाबूपुर और आसपास के गांवों में बाहरी मजदूरों का सत्यापन किया जा रहा है।
250 कैमरे खंगाले, 50 से पूछताछ
चित्रकूट। सनसनीखेज घटना में पुलिस अब तक ट्रैफिक चौराहा, पहाड़ी कस्बा, रेलवे स्टेशन, होटल-ढाबों के 250 कैमरे खंगाले जा चुके हैं। 40 से 50 लोगों से पूछताछ हुई है।
भरतकूप की खदानों में दबिश देकर संचालकों से लेकर मजदूरों तक से पूछताछ की गई। कौशांबी, फतेहपुर, प्रयागराज, बांदा से लेकर एमपी तक गुमशुदा की फाइलें पलटी गईं। मंडल, जोन और दूसरे राज्यों से संपर्क साधा गया लेकिन नतीजा सिफर है।पुलिस मैनुअल, सर्विलांस और त्रिनेत्र के जाल से घेराबंदी कर रही है,पर अब तक धमाके की गुत्थी सुलझी नहीं है।
बोले जिम्मेदार
मैनुअल कॉबिंग, ड्रोन कैमरा, सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस तथा अस्पतालों में जांच की जा रही है। खदानों में काम करने वाले मजदूरों, विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति करने वालों के बारे में भी जानकारी की जा रही है। जल्द ही घटना का पर्दाफाश किया जाएगा।- अरुण कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक।