चित्रकूट। चित्रकूटधाम रेलवे स्टेशन पर जहरखुरानों ने बुजुर्ग और उसकी बहन को चाय में नशा पिलाकर लूट का शिकार बनाया था।
लूटकर दोनों को बेहोशी की हालत में प्लेटफार्म पर छोड़कर आरोपी भाग गए थे। इलाज के बाद शुक्रवार को दोनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वहीं, जीआरपी इसे जहरखुरानी मानने से ही इन्कार कर रही है।
परसौंजा निवासी राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि उनके पिता वीरेंद्र कुमार त्रिपाठी (75) अपनी बहन रामकिशोरी (72) को मध्य प्रदेश के डभौरा स्थित मगरौल, ससुराल छोड़ने जा रहे थे। बुधवार सुबह 10 बजे वे ई-रिक्शा से कर्वी स्टेशन पहुंचे और भांजे ओमनारायण शुक्ला को वीरांगना लक्ष्मीबाई ट्रेन से आने की सूचना दी थी।
ट्रेन शाम 4 बजे डभौरा पहुंची, लेकिन दोनों नहीं उतरे।परिजनों ने खोजबीन शुरू की तो रात करीब 10 बजे चित्रकूटधाम स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-2 पर रामकिशोरी बेंच पर और वीरेंद्र नीचे बेहोश पड़े मिले।
परिजन उन्हें पहले जिला अस्पताल, फिर निजी अस्पताल और बाद में जानकीकुंड अस्पताल ले गए। होश आने पर वीरेंद्र ने बताया कि स्टेशन पर करीब 60 साल का एक बुजुर्ग मिला था, जो डभौरा चलने की बात कह रहा था। उसी ने पन्नी में चाय मंगाकर पिलाई। चाय पीने के आधे घंटे बाद दोनों बेहोश हो गए।
इसके बाद आरोपी जेब में रखे करीब नौ हजार, रामकिशोरी के पर्स से 5600 रुपये, मंगलसूत्र और पायल लूट ले गया। जीआरपी थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि जहरखुरानी जैसी बात नहीं है, संभवतः पीड़ित बीमार हुए थे। फिर भी सीसीटीवी फुटेज देखी जा रही है। अभी तक तहरीर नहीं मिली है।