तीन माह से लगे रेत के ढेर से लाोग चुराने लगे।
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हाईकोर्ट द्वारा अवैध खनन की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंपने के बाद से जिले में अवैध खनन करने वालों में हड़कंप मचा है। अवैध खनन तो बंद बताया गया है लेकिन जिले के तमाम स्थानों पर बालू डंप पड़ी है। सीबीआई के डर से इस बालू का कोई दावेदार सामने नहीं आ रहा है। अवैध बालू का स्टाक मुख्यालय में ही कई स्थानों पर देखने को मिल जाएगा।
अवैध खनन की जांच करने अभी तक सीबीआई टीम तो जिले में नहीं आई है लेकिन अदालत के आदेश के बाद अवैध खनन कराने वालों में हड़कंप है। कुछ दिनों से पहाड़ों पर पत्थर तोड़ने व मौरंग खनन के काम बंद बताए जा रहे हैं।
विभागीय अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जिले में कहीं भी अवैध खनन नहीं हो रहा है। इसके बावजूद नदियों से लाई गई बालू जगह-जगह डंप की गई है। कलेक्ट्रेट मार्ग से लेकर शंकर बाजार, शिवरामपुर व खोह मार्ग के कई स्थानों पर बालू डंप है। जिसका कोई मालिक सामने नहीं आता।
जिला खनिज अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में बालू डंप के 39 लाइसेंस हैं। इसके अलावा कुछ स्थानों पर अवैध बालू डंप की शिकायतें मिली हैं। जिनकी जांच कराकर बालू जब्त कराई जाएगी।