चित्रकूट। चकबंदी प्रक्रिया में लगातार शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने इस दिशा में पहल की है। पहले छह चकबंदी लेखपालों को वेतन रोका अब गांव में चौपाल लगाकर शिकायतकर्ताओं की भूमि की नापजोख कराकर चकबंदी आकार पत्र बांटा।
राजापुर तहसील के सरधुवा और मिर्जापुर गांव में जन चौपाल का आयोजन किया। उप संचालक चकबंदी एडीएम न्यायिक राजेश प्रसाद ने किसानों को जोत चकबंदी आकार पत्र सौंपा।
चकबंदी प्रक्रिया में लगातार किसानों ने अधिकारियों को शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। इधर एक सप्ताह से प्रशासन ने गांव में जाकर इसकी पड़ताल शुरु कराई। अपर जिलाधिकारी राजेश प्रसाद ने सभी चकबंदी विभाग के अधिकारियों व लेखपालों के साथ बैठक की। इसमें लापरवाही मिलने पर छह लेखपालों का वेतन रोका गया। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद अब विभागीय अधिकारी कर्मचारी गांव जाकर भूमि की नाप जोख करा रहे हैं। इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी ने गांवों में चौपाल लगाई। सरधुवा व मिर्जापुर गांव में चौपाल में उन्होंने बताया कि जिले में वर्तमान समय में 56 गांवों में चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है।
प्रत्येक गांव में चौपाल लगाकर किसानों की समस्याएं सुनी जा रही है। सरधुवा के चकबंदी अधिकारी द्वारा ग्राम मिर्जापुर में चक सृजन के कार्यों की जांच करते हुए जोत चकबंदी आकार पत्र बांटा।