चित्रकूट। चकबंदी प्रक्रिया फिर शुरू कराने के लिए बुधवार को उपसंचालक चकबंदी/अपर जिलाधिकारी न्यायिक राजेश प्रसाद ने राजापुर तहसील के भदेहदू, बांगर और तेरा बुजुर्ग गांव में काश्तकारों से साथ बैठक की। उन्होंने किसानों को चकबंदी के फायदे बताए गए। इस पर ग्रामीण चकबंदी कराने पर राजी हो गए। पूर्व तैनात लेखपाल से ही चकबंदी प्रक्रिया कराने की मांग ग्रामीणों की मानी गई।
भदेहदू गांव में आयोजित चौपाल में एडीएम ने कहा कि चकबंदी से सभी किसानों का लाभ होता है। साथ ही सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे समाप्त हो जाते है। ऐसे में सभी काश्तकारों को चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण कराने में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में एक अप्रैल से 44 गांवों में प्रथम चक्र की चकबंदी प्रक्रिया शुरु की गई है। इस दौरान भदेहदू, बांगर के ग्राम प्रधान समेत कई लोगों ने कहा कि पूर्व में यहां चकबंदी का सर्वे कार्य लेखपाल अशोक कुमार द्वारा किया गया था, लेकिन इसके बाद अचानक कार्य रोक दिया गया है। ऐसे में पूर्व में यहां तैनात लेखपाल द्वारा ही चकबंदी प्रक्रिया फिर से शुरू कराई जाए।
एडीएम ने पूर्व में कार्यरत चकबंदी लेखपाल अशोक कुमार को चकबंदी प्रक्रिया शुरु करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार तेरा बुजुर्ग गांव में चक और मालियत को लेकर कुछ काश्तकारों ने आपत्ति जताई। जिस पर अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत भवन में ही चकबंदी लेखपाल आपत्तियों का निस्तारण करेंगे, लेकिन प्रथम चरण की चकबंदी प्रक्रिया को रोका नहीं जाएगा। इस मौके पर राजापुर उपजिलाधिकारी आरआर रमन, क्षेत्राधिकारी जयकरण सिंह, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी मनोहर लाल वर्द्धन आदि मौजूद रहे।