चित्रकूट। मऊ थाना क्षेत्र के नीबी गांव निवासी पं. पुरुषोत्तम द्विवेदी इंटर काॅलेज से रिटायर्ड वरिष्ठ सहायक नंदकिशोर मिश्रा और डीआईओएस एसके मिश्रा के बीच विवाद का वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो की पुष्टि अमर उजाला नहीं करता है। वीडियो में तीखी बहस के बाद डीआईओएस का एक हाथ उठा दिखता है, इसके बाद कैमरा बंद हो जाता है।
वायरल वीडियो में नंदकिशोर ने कहा कि एक अन्य कर्मचारी का जीपीएफ भुगतान करा दिया गया, उनका रोक दिया गया है। आखिर उनका भुगतान क्यों नहीं हो रहा है। यह भी आरोप लगाया कि आप अशोभनीय शब्द का प्रयोग करते हैं। इस पर डीआईओएस संतोष मिश्रा बोले कि क्या अशोभनीय शब्द का प्रयोग किया बताइये, यहां नौटंकी कर रहे हो, बाहर निकलो। इसके बाद डीआईओएस का एक हाथ कर्मचारी की ओर उठा, लेकिन इसके बाद कैमरा बंद हो गया। वीडियो में सिर्फ डीआईओएस दिख रहे हैं। कर्मचारी की सिर्फ आवाज है, उसका चेहरा नहीं दिखता है।
उधर, नंदकिशोर ने डीएम को लिखे पत्र में बताया कि शुक्रवार को वह डीआईओएस कार्यालय में जीपीएफ का भुगतान कराने के लिए गए थे। आरोप लगाया कि डीआईओएस ने वार्ता के दौरान मारपीट की और अभद्र भाषा का प्रयोग कर कार्यालय के बाहर निकाल दिया। यह भी कहा कि पटल सहायक ने सुविधा शुल्क की मांग की। बताया कि चार माह से परेशान है, लेकिन जीपीएफ भुगतान नहीं हो रहा। डीआईओएस कार्यालय में हुई अभद्रता की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
मैंने किसी को नहीं मारा
मैंने किसी को मारा नहीं है। जब मैंने देखा कि नंदकिशोर रिकार्डिंग कर रहे हैं जो उनके हाथ से मोबाइल छीनने के लिए हाथ बढ़ाया था। मोबाइल उन्होंने छीन भी लिया था। इसके बाद यह जानते हुए भी कि रिकार्डिंग की गई है मोबाइल उन्हें लौटा दिया। यह रिटायर्ड कर्मचारी हैं। इनका शेष भुगतान भेजा जा चुका है लेकिन कॉलेज के प्रबंधक के न होने से कहा गया कि सोमवार को काम होगा। आरोप लगाया कि कर्मचारी बार-बार उसे उकसा रहे थे कि उन्होंने अपशब्द कहे हैं और कार्यालय के अंदर रिकार्डिंग कर रहे थे। इसके बाद जाते समय उन्होंने यह भी कहा कि इस वीडियो को वह वायरल करेंगे। -एसके मिश्रा, डीआईओएस