चित्रकूट/खोही। धर्मनगरी में हरियाली अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी नदी में स्नान किया। पुरोहितों को दान दक्षिणा भी दी। इसके बाद उन्होंने भगवान मत्तगजेंद्र और कामतानाथ के दर्शन किए।
बुधवार को भगवान कामतानाथ के दर्शन के लिए लंबी कतारे लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने जानकीकुंड़ और सती अनुसुइया तीर्थ स्थलों के भी दर्शन किए। हमीरपुर से आए श्रद्धालु राजन राजपूत और लखन राजपूत ने बताया कि सावन माह होने के बावजूद इस समय तेज धूप निकल रही है, इस कारण उन्हें उमस भरी गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के लिए प्रशासन और पुलिस ने विशेष इंतजाम किए थे। ड्रोन से भी निगरानी रखी गई ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। मंदिरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस बल तैनात था। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने मेला क्षेत्र का जायजा लिया। मध्य प्रदेश क्षेत्र में भी सुरक्षा के लिए अधिकारी और पुलिस बल तैनात थे।
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भंडारे और प्रसाद का वितरण
इस पावन अवसर पर अनेक समाजसेवियों ने भी अपना योगदान दिया। चरण वंदन फाउंडेशन द्वारा रामघाट और परिक्रमा मार्ग पर खिचड़ी व प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान रामजस द्विवेदी और कौशलेंद्र पांडेय विमल आदि उपस्थित रहे। पुलिस विभाग द्वारा भी श्रद्धालुओं को फल वितरित किए गए। बस स्टैंड पर भी समाजसेवियों ने भोजन वितरित किया।
ट्रैक्टर ट्रॉली पर पहुंचे श्रद्धालु
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं की गई थीं लेकिन कई श्रद्धालु ट्रैक्टरों की ट्राली में बैठकर पहुंचे, जबकि ऐसी सवारियों को ले जाना प्रतिबंधित है। इसी तरह, टेंपो और ई-रिक्शा चालकों द्वारा निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां ले जाना और कुछ ई-रिक्शा चालकों द्वारा अधिक किराया वसूलने की शिकायतें भी सामने आईं, जिससे श्रद्धालुओं और चालकों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई।
फोटो न- 12 सीकेटीपी 10 परिक्रमा मार्ग पर भंडारा में प्रसाद ग्रहण करते भक्त। संवाद- फोटो : नारनौंद के गांव डाटा में बैठक करते हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के सदस्य। स्रोत : संगठन
फोटो न- 12 सीकेटीपी 10 परिक्रमा मार्ग पर भंडारा में प्रसाद ग्रहण करते भक्त। संवाद- फोटो : नारनौंद के गांव डाटा में बैठक करते हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के सदस्य। स्रोत : संगठन