चित्रकूट। शहर में 3.40 करोड़ रुपये से निर्माणाधीन उप निबंधक कार्यालय निर्माण को पूरा करने की मियाद बीत गई लेकिन उप निबंधक कार्यालय भवन बन नहीं सका। इसे बनाने की समय सीमा 31 जनवरी 2026 तक थी। कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद की लापरवाही से यह परियोजना महीनों पीछे चल रही है।
वर्तमान में जिले का उप निबंधक कार्यालय पुरानी कोतवाली के पीछे एक जर्जर भवन में संचालित है। इसकी खस्ता हालत कर्मचारियों और आगंतुकों के लिए जोखिम भरी है। इसे देख विभाग ने नए भवन निर्माण की कार्ययोजना बनाई थी। बाद में उसे मंजूरी को भेजा था। जिस पर शासन ने 3.40 करोड़ का बजट स्वीकृत कर आवास विकास परिषद ने निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी।
31 जनवरी 2026 तक यह भवन तैयार करने का लक्ष्य था पर तय समय सीमा बीतने के बाद भी यह अधूरा है। सड़क, पुताई सहित कई कार्य अभी बाकी हैं। यह देरी आम जनता के लिए परेशानी का कारण बन रही है। यदि काम इसी गति से चला, तो पूरा होने में महीनों लग सकते हैं। कार्यदायी संस्था देरी का कारण समय पर जमीन व धनराशि न मिलना बता रही है।
बोले जिम्मेदार
निर्माण होने वाली जमीन पर अवैध कब्जा था, उसको हटवाने में समय लग गया। इसके बाद बजट की दूसरी किस्त मिलने में देरी हो गई थी। 10 दिन में काम पूरा करा दिया जाएगा और विभाग को हैंडओवर भी कर दिया जाएगा। उज्ज्वल कृष्ण, अवर अभियंता, आवास विकास परिषद।