चित्रकूट। जिले के पंाच परीक्षा केंद्रों में कड़ी सुरक्षा के बीच शिक्षक पात्रता परीक्षा हो गई। कुल 6471 परीक्षार्थी में 1305 गैरहाजिर रहे। परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र के साथ प्रशिक्षण का मूल प्रमाण पत्र,अंक पत्र व प्रमाण पत्र परीक्षा केंद्रों में लाना अनिवार्य कर दिया गया था। जिससे परीक्षार्थियों को समस्या का सामना करना पड़ा। कुछ स्थानों पर इसे लेकर तीखी बहस भी हुई। गैरहाजिर परीक्षार्थियों में आधे तो बिना प्रमाणित प्रमाण पत्र की फोटो कापी लाने के कारण परीक्षा में बैठने से वंचित रह गए।
रविवार को नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए जिलाधिकारी शिवाकांत ने केंद्रों में जाकर स्वयं निरीक्षण किया। परीक्षा शुरू होने के पहले गेट पर परीक्षार्थियों की कई बार तलाशी ली गई। जिले के पांच परीक्षा केंद्र में सीआईसी में तीन हजार, जीजीआईसी में एक हजार, जनसेवा में कॉलेज में 1155 व पोद्दार कॉलेज में 316 परीक्षार्थियों के परीक्षा देने की व्यस्था की गई थी। प्रथम पाली सुबह 10 बजे से 12. 30 बजे तक व द्वितीय पारी दोपहर दो बजे से 4.30 तक हुई।
सचल दल करता रहा निरीक्षण
चित्रकूट। परीक्षा केंद्रों मेें मजिस्ट्रेटों केे साथ एडीएम विजय नारायण पांडेय, एसडीएम सत्यप्रकाश, डीआईओएस डॉ. जितेंद्र सिंह व बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में लगातार परीक्षा केंद्रों का भ्रमण कर जायजा लेते रहे।
कहीं मुस्कान तो कहीं दिखा बुझा चेहरा
चित्रकूट। परीक्षा देने वाले परीक्षार्थी जब परीक्षा केंद्र से निकले तो किसी के चेहरे पर मुस्कान दिखी तो किसी का चेहरा उतरा हुआ दिख रहा था। जब पत्रकारों ने उनसे परीक्षा के बारे में सवाल कि ए कई ने बताया कि पेपर अच्छा हुआ है जबकि कई ने बताया कि मनोविज्ञान व संस्कृत के प्रश्नपत्र कठिन थे। कम नंबर आने की उम्मीद है। शिक्षमित्र रूचि सिंह, कविता देवी, व बीटीसी विद्यार्थी शनि सिंह, पीयूष, ने बताया कि पेपर सरल रहा। जबकि शिक्षा मित्र रामबाबू पांडेय ने बताया पेपर में बाल मनोविज्ञान कठिन होने से इसी में परीक्षार्थी अटके रहे। जिससे अन्य विषयों के प्रश्न हाल करने में परेशानी हुई। शिक्षामित्र पूजा सिंह, सुनील कुमार , सविता आदि ने बताया कि संस्कृत सहित गठित के कई सवाल कठिन होने से वह कई प्रश्न हल नहीं कर पाए। जबकि सामान्य ज्ञान के प्रश्न सरल पूछे गए थे।
निशक्तों ने भी दी परीक्षा
चित्रकूट। टीईटी की परीक्षा कई निशक्तों ने भी दी जिनका हौसला देखते ही बना। जगतगुरु रामभ्रदाचार्य विकलांग विश्वविद्यालय बीएड करने वाले कई निशक्त परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। जिसमें छात्राएं भी शामिल रही। निशक्त परीक्षार्थी अंजू धुरिया, बविता, दिनेश कुमार ने बताया कि वह लोग परीक्षा देने के लिए ट्राइसाइकिल के सहारे आए हैं।
1305 ने छोड़ी टीईटी परीक्षा
चित्रकूट। जिले में टीईटी परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से हो गई। कुल 6471 अभ्यर्थियों में 1305 ने परीक्षा छोड़ दी। दो पालियों में पांच केंद्रों में हुई परीक्षा में प्रथम पाली में पंजीकृत 3020 में 825 गैरहाजिर रहे। द्वितीय पाली में पंजीकृत 3451 में 480 अनुपस्थित रहे। परीक्षा छोड़ने वालों में कुछ ऐसे अभ्यर्थी जो फोटो कापी लेकर आए थे। ओरिजनल कॉपी न लाने की वजह से वह सब परीक्षा में नहीं बैठ पाए। जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने बताया कि परीक्षा में कोई नकलची नहीं पकड़ा गया। पूरी परीक्षा कड़ी सुरक्षा में हुई।