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डफाईपुरवा: मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे आदिवासी

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डफाईपुरवा बस्ती में बैठे बच्चे व अन्य। - फोटो : CHITRAKUTT
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चित्रकूट/भरतकूप। भरतकूप इलाके के पहाड़ों और क्रशर मशीनों पर मजदूरी करने वाले कोल आदिवासियों की बस्ती डफाईपुरवा में मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। यहां रहने वाले बिजली और पानी को तरस रहे हैं। इनकी बस्ती पर क्रशर मशीन मालिक हक जता रहा है। विकास कार्य शुरू होते ही वह अड़ंगा लगा देता है। गरीबी और लाचारी से इन मजदूर परिवारों का तमाम शोषण के बाद भी चुप रहना मजबूरी बन गई है।
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भरतकूप इलाके के पहाड़ों की खदानों और क्रशर मशीन पर काम करने वाले कोल आदिवासी आजादी के समय से पहाड़ों के आसपास रह रहे हैं। इन्हीं की बस्ती है डफाईपुरवा। यह अकबरपुर गांव के अंतर्गत आती है। इस बस्ती में तकरीबन 65 कच्चे घर हैं। पेयजल का साधन इकलौता हैंडपंप है। इसमें अक्सर पानी उतर जाता है। पुरवा के प्राचीन कुआं में गंदगी से पानी पीने लायक नहीं है। बरसात में जलभराव से घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है।
रोजगार का संकट भी है। भरतकूप इलाके में कई क्रशर मशीनें बंद हो गई हैं। इससे मजदूर परेशान हैं। प्रधान गैवीशरण ने बताया कि डफईपुरवा के कई परिवारों को नई बस्ती में पट्टा देकर प्रधानमंत्री आवास योजना से आवास आवंटित किए गए हैं। बस्ती की समस्याओं का निराकरण कराया जा रहा है।
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बस्ती खाली करने के लिए दबाव बनाया जाता
डफाईपुरवा के ददर कोल ने बताया कि वह तीन पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं। खजांची नाम के क्रशर मालिक ने बस्ती बसाई थी। अब इस जमीन पर अन्य क्रशर मालिक ने दावा किया है। वह विकास कार्यों में अड़ंगा लगा देता है। आए दिन बस्ती खाली करने के लिए दबाव बनाता है। वहीं श्रीपाल कोल ने बताया कि बस्ती में कई बार अधिकारी सहित सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता आ चुके हैं। समस्याएं बरकरार हैं।
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