साढ़े छह लाख के इनामी दस्यु बलखड़िया के भाई की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब गैंग के सफाये को कांबिंग में लगी है। बीहड़ के सूत्रों के अनुसार जल्द ही बलखड़िया के कुछ और रिश्तेदार पकड़ में आ सकते हैं। हालांकि इसे चुनाव से जोड़ते हुए दस्यु की सोची समझी चाल भी माना जा रहा है। वहीं एसपी ऐसी किसी बात से इंकार करते हैं। उनका कहना है गैंग का सफाया ही उनका मकसद है।
एसपी पवन कुमार ने पुलिस कर्मियों को बलखड़िया गैंग के सफाए के निर्देश दिए हैं। बलखड़िया के रिश्तेदार दीपक पटेल और भाई कल्लू पटेल को पुलिस पकड़ चुकी है। बीहड़ के सूत्रों के अनुसार जिले में पंचायत चुनाव के समय गैंग सरगना का प्रयास होता है कि उसके परिजन और रिश्तेदार सुरक्षित रहे। ऐसे में वह इन्हें सोची समझी रणनीति के तहत पकड़वा देता है। यह रणनीति ददुआ के जमाने से चली आ रही है।
इसे परोक्ष रूप से आत्मसमर्पण की संज्ञा भी दी जाती है। सूत्र दावा करते हैं कि जल्द ही बलखड़िया के कुछ और रिश्तेदार भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। इस रणनीति को लेकर गैंग में दोफाड़ की स्थिति भी है। ऐसे में गैंगवार की भी आशंका है। गैंग का सक्रिय और सबसे पुराने सदस्यों में से एक चुन्नी पटेल निवासी बगहिया ने गैंग से किनारा भी कर लिया है। वहीं पुलिस सूत्र कामता यादव और मुन्नीलाल यादव के भी आत्मसमर्पण की बात करते हैं।
वर्जन
दस्यु गैंग के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। गैंग के अब तक पकड़े गए सदस्य पुलिस कांबिंग का ही नतीजा है। गैंग का जल्द सफाया किया जाएगा।
- पवन कुमार, एसपी
चुनाव में दमखम दिखाते रहे हैं दस्युओं के परिजन
विभिन्न चुनाव में गैंग के सरगना के परिजन बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं। ठोकिया की चाची सरिता देवी अकबरपुर वार्ड से जिपंस रहीं तो एक और रिश्तेदार सविता देवी कर्वी से निर्विरोध ब्लाक प्रमुख रह चुकी हैं। तीसरी चाची बंदरी से ही प्रधान रह चुकी हैं।
बलखड़िया की पत्नी ने भी बरुई से प्रधानी का चुनाव लड़ा था पर हार गई थी। यहां उल्लेखनीय है कि ददुआ के पुत्र वीर सिंह पटेल तो जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में सदर विधायक भी हैं। वीर सिंह की पत्नी ममता सिंह वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य हैं।