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तीन घंटे तलाशे डकैतों के निशान

Tue, 04 Sep 2018 11:35 PM IST
तीन घंटे तलाशे डकैतों के निशान
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घटनास्थल का निरीक्षण करते जीआरपी आईजी बीआर मीणा व एसपी पीके मिश्रा। - फोटो : amarujala
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मानिकपुर(चित्रकूट)। मुंबई हावड़ा रेल मार्ग पर पनहाई स्टेशन के पास गंगा कावेरी एक्सप्रेस डकैती में नामी डकैतों के शामिल होने की संभावना पर अब एसटीएफ का भी सहारा लिया गया है। घटना का खुलासा करने के लिए जीआरपी, आरपीएफ व सिविल पुलिस की पंाच टीमें गठित की गई हैं। दस्यु प्रभावित वाले रेल मार्ग की ट्रेनों पर चलने वाले अवैध वेंडरों पर कड़ी कार्रवाई होगी। पनहाई रेलवे स्टेशन पर अस्थाई जीआरपी चौकी खोलने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है।   
   मंगलवार की सुबह जीआरपी आईजी बीआर मीणा ने जीआरपी एसपी पीके मिश्रा के साथ पनहाई रेलवे स्टेशन के आउटर पर हुई डकैती वाले स्थल का निरीक्षण किया। रेल कर्मचारियों समेत स्टेशन मास्टर से पूछताछ की। मानिकपुर गेस्ट हाउस में एसटीएफ टीम के सदस्यों के साथ बैठक कर डकैती का खुलासा करने की रणनीति बनाई। घटना के बाद आरपीएफ जीआरपी ने एसटीएफ से भी मदद मांगी है। लगभग तीन घंटे तक पनहाई व आसपास के क्षेत्र में जांच पड़ताल व पूछताछ के बाद जीआरपी आईजी ने बताया कि डकैती का खुलासा कराने के लिए जीआरपी मानिकपुर, इलाहाबाद, आरपीएफ मानिकपुर, मानिकपुर थाने की टीम समेत एसटीएफ की टीम काम कर रही है। इस क्षेत्र में एसटीएफ को डाकू ददुआ व ठोकिया को मार गिराने में सफलता मिली है इसलिए उनकी भी मदद ली जा रही है।
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  दस्यु प्रभावित क्षेत्र के रेल मार्ग के रेलवे स्टेशनों पर जीआरपी व आरपीएफ कड़ी नजर रखेगी। पनहाई स्टेशन पर एक दरोगा व चार सिपाही के साथ अस्थाई पुलिस चौकी खोली जाएगी। इसके अलावा सतना से मानिकपुर मार्ग की ट्रेनों पर चलने वाले अवैध वेंडरों पर कड़ी कार्रवाई होगी। अभियान चलाकर चिंहित किया जाएगा। पुलिस को शक है कि अवैध वेंडर भी बदमाशों की मदद करते हैं और कभी कभार चेन पुलिंग करते हैं जिससे वारदात होती हैं।

नए गैंग के शामिल होने की संभावना
मानिकपुर। ट्रेन डकैती की घटना के पहले ही दिन से कुख्यात साढ़े पांच लाख के इनामी डाकू बबुली कोल गैंग का नाम सामने आया है। लेकिन अभी तक किसी अधिकारी या ग्रामीण ने इसकी पुष्टि नहीं की है। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान आईजी जीआरपी ने नए डाकू गैंग दस्यु सुंदरी साधना पटेल गैंग के शामिल होने की आशंका जताई है। उन्होंने बताया कि डाकू बबुली गैंग की नहीं लेकिन यह वारदात नवोदित गैंग की लगती है जिसमें दस हजार की इनामी डाकू साधना पटेल गैंग की संभावना है। पुलिस इस दिशा में भी काम कर रही है।

स्कार्ट ड्यूटी के चार सिपाही निलंबित
चित्रकूट। जीआरपी आईजी ने बताया कि डकैती मामले की जांच चल रही है। प्रथम दृष्टया गंगा कावेरी एक्सप्रेस में मौजूद पुलिस स्कार्ट इलाहाबाद जीआरपी के राजकुमार सिंह व धर्मेंद्र यादव के अलावा मानिकपुर जीआरपी के केवलराम व सरफराज को सोमवार की देर रात निलंबित कर दिया गया है। इनसे दो बार पूंछताछ भी की गई है। इनसे यह पूंछा गया कि आखिर इतनी देर तक ट्रेन रूकी और चीख पुकार मची तो यह कहां थे और सामने आकर डकैतों का मुकाबला क्यों नहीं किया।

एसी कोच में दुबक गए थे स्कार्ट ड्यूटी में लगे जवान
चित्रकूट। सूत्रों के मुताबिक जब डकैत पनहाई स्टेशन के आउटर पर आराम से डकैती डाल रहे थे तो स्कार्ट का एक जवान वहां तक पहुंचा था लेकिन वहां मौजूद एक डाकू ने उसकी ओर बंदूक तान दी तो वह डरकर भाग आया। अन्य साथियों को भी इसकी जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक चारों सिपाही एसी कोच में दुबके थे। जिससे यह भी बहाना रहा कि बोगी चारों ओर से बंद होने के कारण वह सुन नहीं सके।

बदमाशों ने सिक्का फंसाकर रोका सिग्नल

अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। गंगा कावेरी एक्सप्रेस में लाखाें की डकैती के बाद रेल यात्रियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े हुए हैं। एक माह पूर्व ही मानिकपुर डभौरा स्टेशन के बीच गोदान एक्सप्रेस के स्लीपर बोगी में यात्रियों का सामान चोरी होने पर जीआरपी ने इस रूट की ट्रेनों पर दो की जगह चार सिपाहियोंका स्कार्ट होने का नियम बनाया था। वह फार्मूला भी बेकार साबित हो गया। प्रथम दृष्टया जांच में यह सामने आया कि डकैतों ने सिग्नल वाले पोल में सिक्क ा फंसाकर उसे हरा नहीं होने दिया। इसके पूर्व यह भी तय हो गया है कि कुछ बदमाश सतना स्टेशन से चढ़े थे और अवैध वेंडरों ने कई बार चेन पुलिंग कराकर उनकी मदद की है।
  जीआरपी आईजी बीआर मीणा ने बताया कि फि लहाल जांच जारी है लेकिन अबतक प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि डकैतों में कुछ लोग रेल संचालन के बारे में काफी कुछ जानते हैं। जानकारी मिली है कि उनमें से कुछ ने पनहाई आउटर के सिग्नल पर सिक्का फंसाकर उसे हरा नहीं होने दिया। हालांकि रेल विभाग के तकनीकी विशेषज्ञों से राय ली जा रही है। क्या ऐसा संभव है जबकि आजकल सब आटोमैटिक सिस्टम है। डकैतों के सहयोगी अवैध वेंडर भी हैं जो आएदिन चलती ट्रेन में चेन पुलिंग कर उतरते हैं। इसके पूर्व भी इस क्षेत्र में लूलू व राजू कोल जैसे डकैत चलती ट्रेन में वेंडिंग के दौरान ही लूटपाट कर डाकू बन गए थे।

पेंट्रीकार के कारण बची एसी बोगी
चित्रकूट। सुपरफास्ट गंगा कावेरी ट्रेन में बेखौफ डकैतों ने लगभग दो घंटे तक पांच स्लीपर बोगियों में मारपीट कर लूटपाट की। वह आसानी से एक-एक कर बोगी में जा रहे थे। इन बोगी के बीच ट्रेन की पेंट्रीकार बोगी लगी थी। उसके बगल से ही एसी कोच लगे थे। इसी कारण एसी कोच के यात्री इस लूट से बच गए।

दक्षिण भारतीयों को बनाया टारगेट
चित्रकूट। शायद डकैतों को यह भी मालूम था कि चेन्नई से पटना जाने वाली इस ट्रेन में ज्यादातर दक्षिण भारतीय लोग यात्रा करते हैं। यहां के लोग सोने चांदी के जेवरात के बेहद शौकीन होते हैं। इसीलिए इस ट्रेन की रेकी कर सतना से योजनाबद्ध तरीके से डकैती डाली गई। अबतक यह माना जा रहा है कि लगभग बीस लाख की डकैती में ज्यादातर यात्रियों के सोने चांदी के जेवरात ही लूटे गए हैं। महिलाओं के शरीर में पहने गहने जबरन उतारे गए।

कामायनी एक्सप्रेस के लूटेरों को पकड़ा
चित्रकूट। मानिकपुर रूट पर ही कामायनी एक्सप्रेस में रूसी महिला की हत्या मामले में जेल जाने के बाद जमानत पर छूटे चमरौंहा गांव के दो आरोपियों को पुलिस ने उठाया है। इस मामले में डाकू राजू कोल समेत लूलू भी नामजद थे। जिसमें राजूकोल की मौत हो चुकी है और लूलू की तलाश है। इसके पूर्व कई स्थानों से पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ के बाद आधे लोगों को छोड़ दिया गया है। पुलिस को शक है कि ट्रेन में वारदात करने वालों से कई सुराग मिल सकते हैं।
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पुलिस टीमों ने की कांबिंग
चित्रकूट। ट्रेन डकैती का खुलासा करने के लिए सभी पुलिस टीमों ने जंगलों में कांबिंग की है लेकिन अभी कुछ खास सफलता नहीं मिली है। एसपी मनोज कुमार झा ने बताया कि जल्द ही इसका खुलासा किया जाएगा।
 
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