अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। शुक्रवार बांदा जेल से पेशी पर आए बंदी की अदालत के सामने ही अचानक हालत बिगड़ गई। जिससे वहां अफरातफरी मच गई। वकीलों व पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस को फोन किया लेकिन आधे घंटे तक कोई नहीं पहुंचा जिस पर पुलिस बंदी वाहन से ही उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था तगड़ी रही।
बांदा जेल से पुलिस गोखिया अतर्रा जिला बांदा निवासी विजय कुमार पुत्र श्यामलाल को न्यू एफटीसी कोर्ट में पेशी पर लाई थी। सुरक्षा में मौजूद एसआई अखिलेश अवस्थी ने बताया कि कोर्ट में पेशी के बाद उसे अगली तारीख 18 जुलाई मिली। इसके बाद जैसे ही पुलिसकर्मी बाहर लेकर निकले वह नीचे गिर पड़ा और मुंह से झाग निकलने लगा। यह देखकर कोर्ट परिसर में अफरातफरी मच गई। वहां मौजूद वकील व पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस बुलाई लेकिन आधे घंटे तक वाहन नहीं पहुंचा। उधर बंदी अर्द्धमूर्छित हो गया। हालत बिगड़ते देख सुरक्षाकर्मियों ने बंदी वाहन से ही अस्पताल लेकर पहुंचे।
जिला अस्पताल तक तगड़ी सुरक्षा के बीच बंदी को आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया। डा. डीके वर्मा ने बताया कि बंदी को पहले की बीमारी की वजह से अथवा गर्मी की वजह से चक्कर आया है। इलाज के बाद फिलहाल उसकी हालत अब सामान्य है। शाम को उसे सुरक्षाकर्मी बंदी वाहन से बांदा जेल लेकर रवाना हो गए हैं।
गैंगेस्टर में बंद है विजय
चित्रकूट। गोखिया निवासी विजय पर पुलिस ने 2/3 गैंगेस्टर लगाया है। उस पर कोतवाली कर्वी में सन 2016 में रिपोर्ट दर्ज है। इसके बाद 2017 में उसे पुलिस ने गिरफ़्तार कर जेल भेजा है। तब से वह जेल में है।
स्वास्थ्य विभाग ने फिर दिखाई संवदेनहीनता
चित्रकूट। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर कैसे भरोसा किया जा सकता है। कई बार की तरह इस बार भी एंबुलेंस सेवा धड़ाम नजर आई। अधिवक्ता रूद्र प्रसाद मिश्रा व सीपी गुप्ता ने बताया कि बंदी की हालत बिगड़ने पर जब एंबुलेंस मांगी गई तो आधे घंटे तक कोई वाहन नहीं पहुंचा। सीएमओ से लेकर स्वास्थ्य विभाग के किसी अधिकारी ने फोन नहीं उठाया। जिससे संवेदनहीनता ही नजर आती है।