इटवां के जंगल में पहाड़ के पत्थर के नीचे दबे शव को निकालती पुलिस। अमर उजाला
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पहले इलाहाबाद से बोलेरो बुक कराई फिर चालक को जंगल में ले जाकर गला दबा दिया। शव को पहाड़ के पत्थर से दबाकर चारो बदमाश बोलेरो लेकर फरार हो गए। 13 दिन बाद जब दो बदमाश पकड़े गए तब पूरा मामला खुला। मंगलवार को पुलिस ने पत्थर के नीचे से शव बरामद किया है और दो अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
इलाहाबाद के कौंधियारा थानाक्षेत्र के भुसकुटी गांव निवासी राममूरत (22) पुत्र इंद्रलाल अपनी बोलेरो चलाता था। 29 मार्च सुबह भुसकुटी के ही अजय उर्फ संजय पुत्र राममूरत ने दो साथियों के साथ चित्रकूट चलने के लिए बोलेरो बुक कराई। तीनों युवक रास्ते में इटवां, रैपुरा में रहने वाले दोस्त मिथलेश उर्फ रज्जू पुत्र मिठाई लाल को लेने के लिए गांव के बाहर रुक गए। कौंधियारी थानाप्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि इन चारों की पहले से योजना बन चुकी थी। इसके अनुसार ही वे सब चालक को वाहन समेत जंगल की ओर ले गए। इसके बाद पहाड़ के नीचे सभी ने मिलकर शराब व सिगरेट पी। फिर राममूरत को पहाड़ के ऊपर ले जाकर गला दबा दिया। शव को एक बडे़ पत्थर के नीचे दबा दिया। इस दौरान पत्थर से उसके सिर पर वार भी किए गए। इसके बाद चारों बदमाश बोलेरो लेकर फरार हो गए।
उधर, राममूरत के परिजनों ने 30 मार्च को थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। कई दिन बीतने पर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। इस पर पुलिस ने बोलेरो बुक कराने वाले युवकों की तलाश शुरू की।
सोमवार रात को पुलिस ने भुसकुटी से ही अजय उर्फ संजय को पकड़ा। कड़ाई से पूछताछ में उसने सारा राज खोल दिया। उसकी निशानदेही पर इलाहाबाद पुलिस ने रैपुरा पुलिस की सहयोग से बोलेरो बरामद की।
थानाध्यक्ष संतशरण ने इटवां से मिथलेश को पकड़ा। इसके बाद पुलिस दोनों आरोपियों को लेकर जंगल पहुंचे। आरोपियों की निशानदेही पर बडे़ पत्थर के नीचे दबे शव को बाहर निकाला गया। शव पूरी तरह कंकाल में बदल चुका था। पुलिस के साथ आए राममूरत के परिजनों ने उसकी शिनाख्त की। थानाध्यक्ष ने बताया कि दो अन्य आरोपियों की पहचान हो गई है। जल्द ही उन्हें भी दबोच लिया जाएगा।