चित्रकूट। ससुराल में संदिग्ध अवस्था में आग से झुलसी गर्भवती महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। मायका पक्ष ने दहेज की खातिर जलाकर मारने का आरोप लगाया और थाने में पति समेत छह लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। वहीं ससुराल पक्ष ने आरोपों को गलत बताया है।
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जानकारी के अनुसार हनुमानजी का टोली राजापुर निवासी किशोरी लाल की पुत्री प्रीति देवी (20) का विवाह 29 अप्रैल 2017 को बढ़ाइनटोला राजापुर निवासी अजय के साथ हुआ था। आठ अक्टूबर को ससुराल में ही अज्ञात कारण के चलते प्रीती आग से झुलस गई। जिसे परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। डाक्टरों ने उसे इलाहाबाद रेफर किया था। उसकी मां कुनिया देवी ने बताया कि इलाज के दौरान ही ससुरालीजन प्रीती को गुरुवार को राजापुर ले आए जहां शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। जानकारी पर पुलिस ने शव का पंचनामा कराया।
शनिवार को पोस्टमार्टम हाउस में मृतका की मां ने आरोप लगाया कि उसकी पुत्री गर्भवती थी। शादी के बाद से उसे दहेज की खातिर मारा पीटा जाता था। आठ अक्टूबर को भी उसकी पिटाई कर आग से जलाया गया है। जिसमें अजय समेत परिवार के छह लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। उधर आरोपी पति अजय ने पिटाई के आरोप को गलत बताया। उसने कहा कि खाना बनाते समय अचानक पत्नी प्रीति जल गई थी। जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई है। दहेज उत्पीड़न का मामला नहीं है। थानाध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले की पहले जांच कराई जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।