चित्रकूट/ भरतकूप।
फिरौती की आधी रकम न मिलने पर डाकू राजू ठाकुर गैंग ने हुडा गांव में शाम को धावा बोल दिया। ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए आधी फिरौती वसूल छोड़े गए युवक को ललकार कर घर से बाहर आने को कहा। मौका मिलते ही वह पीछे के रास्ते भाग निकला। इससे नाराज गैंग गांव के आधा दर्जन बेकसूरों को अपने साथ जबरन जंगल की ओर ले गया।
लगभग एक घंटे बाद सभी ग्रामीणों को डकैतों ने छोड़ दिया और धमकी दी कि भागे युवक से कहना कि फिरौती की बाकी 50 हजार की रकम जल्द पहुंचाए। नहीं तो, उसे जान से मार दिया जाएगा। डकैत गैंग के गांव में धावा बोलने से ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सूचना पर पुलिस समय से नहीं पहुंची अन्यथा डकैतों को पकड़ा जा सकता था।
रविवार शाम पांच हजार का इनामी डाकू राजू ठाकुर गैंग मजरे में आ धमका। गैंग ने सीधे ओंकार यादव के घर के सामने जाकर उसे बाहर निकलने को ललकारा। काफी देर तक वह घर से बाहर नहीं निकला तो गैंग ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इसी बीच डकैतों के आने की जानकारी होते ही ओंकार घर के पीछे के रास्ते से भाग निकला।
ग्रामीणों के अनुसार कुछ देर बाद डकैतों ने एक ग्रामीण को ओंकार के घर भेजा तो पता चला कि वह नहीं है। जिससे गैंग के सदस्य गाली देते हुए अन्य बेकसूर आधा दर्जन ग्रामीणों को ही अपने साथ जंगल ले गए।
जंगल से लौटे युवकों ने बताया कि ओंकार के बारे में पूछताछ करने के एक घंटे बाद छोड़ दिया। कहा कि ओंकार फिरौती का बकाया 50 हजार नहीं पहुंचाएगा तो उसे जान से मार दिया जाएगा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूरा घटनाक्रम लगभग आधे घंटे तक गांव में चला। इस दौरान पुलिस को सूचना दी गई लेकिन पुलिस समय से नहीं पहुंची। जिससे ग्रामीणों में नाराजगी रही।
इस मामले में भरतकूप चौकी प्रभारी सुजीत कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम गांव पहुंची लेकिन डाकू भाग चुके थे।
‘मुझे घटना की जानकारी नहीं है। मैं पता करता हूं। किसी कीमत पर डाकुओं की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मैं पूरी जानकारी जुटाता हूं’
ज्ञानेश्वर तिवारी, डीआईजी
इनसेट
यह है पूरा मामला
चित्रकूट। पूरे मामले में सोमवार को गांव के निवासी ओंकार यादव ने बताया कि चार अप्रैल को जब वह खेत में काम कर रहा था तभी राजू ठाकुर गैंग उसे अपहरण कर जंगल ले गया।
इसके बाद एक लाख की फिरौती मांगी। किसी तरह गैंग को 50 हजार देकर वह छूटा था और डाकुओं ने बाकी 50 हजार बाद में पहुंचाने को कहा था। अब उसके पास रुपए भी नहीं है और पुलिस की भी मदद नहीं मिल रही है। यही बकाया रुपया वसूलने डाकू गैंग गांव पहुंचा था।
जिससे उसका परिवार भयभीत है। इस मामले में चौकी प्रभारी सुजीत कुमार ने बताया कि ओंकार नामक युवक के अपहरण की सूचना तो फतेहगंज बांदा क्षेत्र से होने की मिली थी। इसके बाद पुलिस दबाव के चलते यह छूट गया था। अब इसने नई बात बताई है। जिसकी पूछताछ करेंगे और डकैतों की चहलकदमी रोकने का पूरा प्रयास करेंगे।