मोबाइल चोरी की पड़ताल करने आई अहमदाबाद (गुजरात) पुलिस की टीम गढ़चपा गांव पहुंची। आरोपी घर पर नहीं मिले तो टीम वापस लौट गई।
अहमदाबाद
के सेटेलाइट एरिया थाने में हेड कांस्टेबल नाथू भाई देवार ने बताया कि
दिसंबर 2014 में उनके थाना क्षेत्र की मोबाइल शाप का शटर तोड़कर लगभग आठ
लाख के मोबाइल की हुई थी। इसकी रिपोर्ट थाने में दर्ज की गई थी। बताया कि
चोरी हुए मोबाइलों को ट्रेस करने के लिए कंपनी ने इनको सर्विलांस पर लगाया
था।
एक मोबाइल मानिकपुर थाने के गढ़चपा में होने की जानकारी मिलने
पर हमारी टीम ने यहां छापा मारा। उन्होंने इसकी सूचना सरैंया चौकी में दी
थी। वहां से हेड कांस्टेबल रामआसरे, अब्दुल खलील और विनय कुमार भी दबिश में
साथ थे।
नाथू भाई ने बताया कि मोबाइल गांव के चंद्रशेखर सिंह
पुत्र भयंकर सिंह के पास से बरामद हुआ। पूछताछ में चंद्रशेखर ने बताया कि
उसने यह मोबाइल गांव के अन्नू सिंह पुत्र देवराज सिंह उर्फ चंबुल सिंह के
भांजे प्रेम सिंह पुत्र बबलू सिंह निवासी पछौंहा थाना कमासिन बांदा से
खरीदा है।
यह भी बताया कि अन्नू और उसके भाइयों के पास उसने और भी
नए मोबाइल देखे हैं। नाथू भाई ने बताया कि जब अन्नू के घर दबिश दी गई तो
वहां कोई पुरुष नहीं मिला। महिलाओं ने बताया कि ये लोग बाहर काम करते हैं।
उधर, प्रेम सिंह के घर पछौंहा में भी दबिश दी गई पर वहां भी कामयाबी नहीं
मिली।
पूछताछ में पता चला है कि अन्नू और प्रेम अहमदाबाद में
सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करते रहे हैं। इनके मिलने परही पता चलेगा
कि चोरी इन्होंने की है या फिर किसी और से मोबाइल खरीदे हैं। टीम में तीन
अन्य कांस्टेबल और जीप चालक भी शामिल थे।