मानिकपुर(चित्रकूट)। गंगा कावेरी ट्रेन डकैती मामले में जीआरपी मानिकपुर थाना प्रभारी को लाइन हाजिर किया गया है। झांसी से क्राइम ब्रांच की टीम ने भी एसटीएफ के साथ मिलकर संभावित आरोपियों कीर सूची तैयार कर ली है। डेढ़ दर्जन संभावित आरोपियों की सूची को लेकर पुलिस टीमें इलाहाबाद जबलपुर कटनी व नागपुर तक पहुंची हैं। फिलहाल अभी सातवें दिन भी पुलिस जांच का परिणाम शून्य पर अटका है।
रविवार की देर रात लगभग सवा एक बजे चेन्नई से पटना जा रही गंगा कावेरी सुपरफास्ट ट्रेन में मानिकपुर से इलाहाबाद के बीच पनहाई स्टेशन के आउटर पर डकैती पड़ी थी। जिसमें एक दर्जन से अधिक नकाबपोश डकैतों ने स्लीपर क्लास के पांच बोगियों में एक दर्जन यात्रियों को मारपीट कर लगभग बीस लाख का माल उड़ाया था। शनिवार आईजी जीआरपी बीआर मीणा ने मानिकपुर जीआरपी थाना प्रभारी हरीशंकर को लाइन हाजिर कर दिया है। उनके स्थान पर सुनील कुमार सिंह को नया प्रभारी बनाया गया है।
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पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा ने बताया कि सभी टीमें नियमित रूप से डकैतों की तलाश में जुटी हैं। इस घटना में सभी संभावित लोगाें की ओर ध्यान देने का प्रयास किया जा रहा है। वेंडरों के अलावा ट्रेन में चलने वाले अन्य लोगाें के समूह पर भी नजर रखी जा रही है। यह समूह अक्सर इस लाइन में चलती ट्रेन में मौजूद रहता है।
लूट व चोरी करने वालों की सूची पर चर्चा
चित्रकूट। ट्रेन डकैती के सात दिन बीत गए लेकिन पुलिस के पास बचाव में सिर्फ इतना है कि टीमें अलग-अलग स्थान भेजी गई हैं संदिग्धों की तलाश की जा रही है। झांसी के क्राइम ब्रंाच की स्पेशल टीम मानिकपुर पहुंची। उसने एसटीएफ के साथ मिलकर ट्रेन में लूट व चोरी करने वालों की सूची पर चर्चा की। आईजी जीआरपी बीआर मीणा ने जबलपुर जीआरपी के एसपी विनीत जैन व सतना जीआरपी प्रभारी संतोष तिवारी के साथ शनिवार को सुबह डकैतों को पकड़ने के लिए फिर से रणनीति बनाई। डकैती मामले में दो टीम इलाहाबाद व नागपुर भेजी गई है। इसके बाद जबलपुर व कटनी भी टीम गई है। ट्रेन डकैती वाले स्थान पनहाई व आसपास लगे मोबाइल टावरों से घटना वाले दिन के मोबाइल नंबरों की जांच कराई जा रही है।