जिला जेल में बंदी की खुदकुशी मामले की जांच कर बाहर आते सदर एसडीएम इंदु प्रकाश।
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चित्रकूट। पांच दिन पूर्व प्रेमिका की गोली मारकर हत्या करने के आरोप में जेल में बंद युवक ने मंगलवार देर रात बाथरूम में अंगोछे से फांसी लगाकर जान दे दी। बंदी के फांसी लगाने की घटना से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। बुधवार की सुबह डीएम, एसपी समेत अन्य अफसरान जेल पहुंचे और मौका मुआयना कर पूछताछ की। वहीं जेलर का कहना है कि युवक टीबी रोगी था और उसका जेल अस्पताल में भर्ती कर इलाज कराया जा रहा था। जेलर ने शासन को मामले की न्यायिक और विभागीय जांच कराने के लिए पत्र लिखा है।
राजापुर थाना क्षेत्र के रीठीरगौली गांव निवासी रामबाबू केवट (39) पुत्र सुखदेव ने 8/9 मई की रात नांदिन कुर्मियान गांव के तालाब के पास प्रेमिका को फोन कर बुलाया और गोली मारकर हत्या कर दी थी। महिला के पति ने रामबाबू के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दस मई को तमंचे संग उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल अस्पताल में उसको बीमारी के चलते रखा गया था। रात बारह बजे के बाद उसका शव बाथरूम में लटकता देख बंदी रक्षक ने जानकारी जेल अधीक्षक को दी। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने कई साक्ष्य भी एकत्रित किए।
जेलर श्रीप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि पांच दिन पूर्व रामबाबू को हत्या के आरोप में जेल में निरुद्ध किया गया था। वह टीबी रोग से पीड़ित था। वह वार्ड में अकेला ही था। उधर, सुबह डीएम विशाखजी अय्यर, एसपी मनोज कुमार झा, एसडीएम सदर इंदुप्रकाश सिंह, एएसपी बलवंत चौधरी आदि भी जेल पहुंचे और जानकारी ली। एसपी ने बताया कि प्रेमिका की हत्या के बाद आरोपी ने भी तमंचे से दो बार गोली मारकर जान देने की कोशिश की थी, पर कारतूस मिस हो गया था।