नागर के पहाड़ के नीचे मौजूद पुलिस व पीएसी बल।
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डाकुओं की तलाश में पुलिस, पीएसी और एसटीएफ की टीमों ने सोमवार को भी जंगलों में कांबिंग की। कई गांवों के लोगों से पूछताछ की, लेकिन भागे हुए डकैतों के बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिली। पीएसी की कोबरा टीम खास रणनीति बनाकर डकैतों की तलाश कर रही है। उसने संभावित स्थानों पर मुखबिर तैयार किए हैं। आधुनिक संसाधनों से लैस टीम सर्विलांस और अन्य साधनों से डकैतों की लोकेशन ले रही है।
ऊबड़-खाबड़ रास्ते और बारिश के बीच घने जंगलों में कांबिंग के दौरान टीमों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन पुलिस टीम का हौसला कम नहीं हो रहा है।
गौरतलब है कि गुरुवार को तड़के पांच लाख तीस हजार के इनामी डाकू बबुली कोल गैंग से मानिकपुर थाना क्षेत्र के निही गांव के पास औदर जंगल में पुलिस से सीधी मुठभेड़ हुई थी। इसमें एक दरोगा शहीद व दूसरे दरोगा घायल हुए थे। इसमें 60 हजार के इनामी डाकू लवलेश और सरगना समेत कई डाकुओं के गोली लगने का दावा किया था। इसके बाद से पुलिस टीमें लगातार जंगल में कांबिंग कर रही है। सर्विलांस के जरिये डकैतों की मिल रही लोकेशन के हिसाब से दबोचने के लिए डटीं हैं, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है।
सोमवार को पीएसी की कोबरा टीम ने निही, नागर, बराह, चूल्ही, डोडामाफी, करौंहा के जंगल और गांव के आसपास छानबीन की। नए मुखबिरों को तैयार कर इलेक्ट्रानिक्स उपकरण लगाए, जिससे डकैतों और उनके आसपास पहुंचने वालों की लोकेशन मिल सके। टीम के कई जवान दूरबीन से पहाड़ पर नजर रख रहे हैं।