अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। जुड़वां बेटों को खोने के बाद द्रवित पिता बृजेश रावत ने सीधे-सीधे मध्यप्रदेश पुलिस को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि अगर पुलिस सक्रियता दिखाती तो दोनों मासूम बेटे आज इस दुनिया में होते। आरोप लगाया कि बच्चों की खोजबीन में पुलिस ने पूरी तरह से लापरवाही बरती। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच कराने की भी मांग की। चेतावनी दी कि अगर सही से जांच नहीं हुई तो परिवार समेत पलायन करने को मजबूर होंगे।
सोमवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में रावत ने कहा कि जिस दिन बच्चों का अपहरण किया गया। उससे दो दिन तक स्कूल प्रांगण में ही बच्चों को अपहरणकर्ताओं ने रखा, फिर भी पुलिस सुराग नहीं लगा सकी। आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों को पकड़ने की बजाए सदगुरु परिवार को ही बचाने में तत्पर रही। कहा कि 14 फरवरी को पुलिस ने एक व्यक्ति को पकड़ लिया था, फिर बच्चों को सही सलामत नहीं ढूंढ पाई। पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस अगर गहराई से छानबीन करती तो आरोपी पहले ही पकड़े जाते और दोनों बेटे भी जिंदा होते।
आरोप लगाया कि साजिशकर्ताओं पर पुलिस ने नरमी बरती है। मामूली पूछताछ कर छोड़ दिया गया। सवाल उठाया कि पुलिस ने अपहरण वाले दिन डाग स्क्वाड क्यों नहीं बुलाया और क्यों नहीं पांच सौ मीटर के दायरे में घरों की तलाशी ली। रावत ने कहा कि मुख्य आरोपी पद्म शुक्ला का पिता भी अपराधी प्रवृत्ति का है। जिन पर जघन्य आरोप पूर्व में लग चुके हैं। कहा कि अपहरणकांड के अन्य दोषियों को भी गिरफ्तार कर कार्रवाई की जाए।