पुलिसकर्मी तैनात चार को मिला शस्त्र लाइसेंस
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। जुड़वां बच्चों की अपहरण के बाद हत्या से रामघाट से लेकर जानकीकुंड ट्रस्ट परिसर तक खौफ जैसा माहौल है। इस क्षेत्र में आने वाले ज्यादातर लोगों की नृशंस हत्याकांड की चर्चा करते ही आंखें नम हो जाती हैं। हत्यारोपियों के परिजनों से भयभीत पीड़ित परिजनों के घर के पास पुलिस सुरक्षा व्यवस्था तैनात है। इसके अलावा सुबह व रात को नियमित रूप से पुलिस गश्त की जा रही है। हत्या मामले में दो गवाह समेत चार लोगों को एमपी सतना कलेक्टर ने चार शस्त्रों के लाइसेंस की कापी दे दी है। बच्चों के पिता बृजेश ने बताया कि तीन दिन के अंदर उनके दो साले व दो अन्य गवाहों को शस्त्र लाइसेंस मिल गया है।
जिले की सीमा से सटे नयागांव मप्र थाना क्षेत्र के जानकीकुंड सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट परिसर से 12 फरवरी को दिनदहाड़े बाइक सवार हत्यारोपी मास्टर माइंड पदमकांत शुक्ला व राजू द्विवेदी ने जुड़वा बच्चे प्रियांश व श्रेयांश का अपहरण कर दस दिन बाद हत्या कर दी गई थी। मृत बच्चों के पिता बृजेश रावत ने यूपीएमपी के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर हत्यारोपियों के परिजनों से खतरा बताया था। शनिवार को सतना मप्र के डीएम सत्येंद्र सिंह ने बृजेश की पहल पर उनके दो साले अभय व सुनील वर्मा के साथ घटना के गवाह धर्मेंद्र गुप्ता और अमित अग्निहोत्री को शस्त्र लाइसेंस की कापी दे दी है।