नाना मौसेरे भाई व बहनोई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। संपत्ति विवाद में नाती की गोली मारकर हत्या के आरोपी नाना समेत तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने नाना व एक आरोपी मृतक के मौसेरे भाई को दबोच लिया है लेकिन तीसरे की तलाश जारी है। हत्या में इस्तेमाल तमंचा की बरामदगी बाकी है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपा।
रैपुरा थानाक्षेत्र के भुजौली गांव में शुक्रवार की शाम घर में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। जिसमें शनिवार मृतक मताई लाल उर्फ सुशील के पिता नारायण दत्त उर्फ सिपाही लाल ने मृतक के नाना गढ़ीवा निवासी सुखराम पुत्र रामप्रताप, मौसेरे भाई बनवारीपुर निवासी दिनेश पुत्र भैरो मिश्रा व नोनार निवासी मौसेरे बहनोई प्रेमशंकर पुत्र भैरो के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की है। जिसमें नाना व मौसेेेरे भाई को पुलिस ने पकड़ लिया है। लेकिन तीसरा आरोपी बहनोई फरार है। जिसकी तलाश के लिए पुलिस हाथ पैर मार रही है। तमंचा भी अभी बरामद नहीं हुआ है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। शनिवार को पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंपा। परिजनों ने गांव ले जाकर शव का अंतिम संस्कार किया। अपर एसपी बलवंत चौधरी व रैपुरा थानाध्यक्ष सुभाष चौरसिया ने बताया कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृतक सुशील उर्फ मताई लाल के पसली के नीचे गोली लगी थी और इसी गोली लगने से ही उसकी मौत हुई है।
गोली चलाने की बात स्वीकारी
चित्रकूट। हत्याकांड में पकड़े गए आरोपी दिनेश ने पुलिस के सामने स्वीकार किया है कि उसने तमंचे का इंतजाम किया फिर सुशील को गोली मारी है। फिलहाल पुलिस ने इस बात का स्पष्ट खुलासा नहीं किया है। अपर एसपी ने बताया कि तीसरे आरोपी को पकड़ने के बाद ज्यादा स्पष्ट होगा।
50 बीघे की जमीन का मामला
चित्रकूट। इस हत्याकांड में मृत सुशील उर्फ मताई दो भाई दो बहन में बड़ा था। इस घटना के बाद भुजौली गांव में शोक व्याप्त रहा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की मां मुन्नी देवी ने बताया कि उसके पिता (मृतक के नाना) की पंाच बेटियां हैं। जिसमें एक बेटी बनवारीपुर निवासी उर्मिला का पुत्र दिनेश उनके साथ रहता है और उनकी लगभग दस बीघे की जमीन बेचकर उसका परिवार रकम उड़ा दिया है। अब बाकी लगभग 50 बीघे की जमीन पर उसकी नजर थी। दिवाली के दूसरे दिन वह अपने पुत्र सुशील को लेकर पिता के पास गई थी कि बेटी की शादी करनी है तो संपत्ति के बंटवारे में कुछ हिस्सा उसे भी दे दो लेकिन उसकी एक न सुनी गई और अभद्र व्यवहार कर भगा दिया गया। इस बीच उसके पुत्र सुशील व मौसेरे भाई दिनेश के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। इसी कारण उसे गोली मारी गई है। गोली मारने के दौरान एक बाइक से तीन लोग घर आए थे।