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नाबालिग से दुराचार पर दस साल की कैद

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चित्रकूट । नाबालिग के साथ दुराचार के मामले में दोष सिद्ध होने पर अपर जिला जज ने अभियुक्त को 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनायी। साथ ही 20 हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित किया है।
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अभियोजन अधिकारी दिलीप श्रीवास्तव ने बताया कि पहाड़ी थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पहाड़ी थाने में धारा 363, 366 व 376 (2) (झ) व धारा 4 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज करायी थी। पुलिस को दी गयी तहरीर में वादी ने कहा था कि 19 अक्टूबर 2014 को रात नौ बजे उसकी नाबालिग पुत्री घर के बाहर थी। इस दौरान गांव का ही विद्या लोध पुत्र दशमत लोध उसे बहला फुसलाकर भगा ले गया और कई दिनों तक अपने साथ रखे रहा। इस दौरान उसके साथ दुराचार भी किया।
पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अपर जिला जज दिनेश कुमार ने दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त विद्या लोध को 10 वर्ष सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी। न्यायालय के निर्णय के बाद अभियुक्त को सजा भुगतने के लिये कारागार भेज दिया गया है।
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नाबालिग से दुराचार मामले में दस साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो
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