चित्रकूट। तेंदुआ का शिकार करने वाले दो सगे भाइयों को जेल भेजने के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने कुछ अन्य शामिल लोगाें की तलाश शुरू कर दी हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अलग अलग हथियार व घाव की साइज बता रही है कि हत्या करने के दौरान दो से अधिक लोग मौजूद थे। नर तेंदुआ खूब तंदुरूस्त था और एकाध लोगोें के बस में उसका शिकार करना नहीं था। पूरे मामले की जांच के लिए उप प्रभागीय वनाधिकारी व दो रेंजर की टीम गठित की गई है। जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट देगी। मंगलवार को वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो टीम के विशेषज्ञ ने भी घटना स्थल से लेकर वन क्षेत्र का निरीक्षण किया है।
मंगलवार को वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो टीम के विशेषज्ञ डा. एचबी गिरीश ने डीएफओ कैलाश प्रकाश के साथ तेंदुआ का शिकार कर गड्ढे में गाड़ने वाले स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान आरोपी जेल गए भाइयों के परिजन व आस पास के लोगों से भी बातचीत की। इसके बाद वह मानिकपुर रानीपुर वन्य जीव विहार क्षेत्र और अन्य वन क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। जिसमें 23 मार्च को मृत मिले तेंदुआ, रीछ व बंदर वाले स्थल भी पहुंचे। तेंदुआ की हत्या मामले में वन विभाग के अधिकारियों ने उपप्रभागीय वनाधिकारी संजय अग्रवाल के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम बनाई है। जिसमें रेंजर एलजी वर्मा व नफीस खां शामिल हैं। इस टीम ने भी अपनी जांच शुरू कर दी। दोनों रेंजर अपनी रिपोर्ट उपप्रभागीय वनाधिकारी को सौंपेगे। टीम का मानना है कि इस कांड में कुछ और लोग भी शामिल हैं। जो अभी सामने नहीं आए हैं। इनकी तलाश की जा रही है।