पत्थरबाजी के दम पर ग्रामीण बने ढाल
- कश्मीर की पत्थरबाजी के अंदाज में की बदमाश की मदद
:- पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
मानिकपुर(चित्रकूट)। कुख्यात डाकू बबुली कोल गैंग को पकड़ने गई पुलिस के हाथ से तो वह बच निकला लेकिन जिस अंदाज में डकैतों को ग्रामीणों ने बचाया तो उससे तो कश्मीर में आंतकियों को बचाने वाले पत्थरबाजों की याद ताजा हो गई। साथ ही अब पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है।
मानिकपुर थानाक्षेत्र के नागर गांव में पंाच लाख 30 हजार के इनामी डाकू बबुली कोल गैंग की मौजूदगी पर मंगलवार की देर रात को पुलिस टीम ने घेराबंदी की तो एक बानगी लगा कि आज तो कुख्यात सरगना का काम तमाम हो जाएगा। कुछ दिन पूर्व मारकुंडी के टिकरिया के पास कुछ मीटर की दूरी से मुठभेड़ के बाद बच निकले गैंग को दबोचने के लिए पुलिस फूंक-फूंककर कदम रख रही थी। अपर एसपी बलवंत चौधरी की माने तो पूरा गैंग प्रधान चुन्नी के घर मौजूद था और उनके लिए भोजन बन रहा था। कुछ देरी में ही डाकुओं को दबोचने की पोजीशन में पुलिस थी लेकिन प्रधानपति के चिल्लाने पर ही सब खेल बिगड़ गया। पूरे गांव के लोगों ने पुलिस पर पथराव कर डकैतों को भागने का मौका दिया।
इसके बाद पुलिस ने खिसियाहट में पूरे गांव में जो किया उसकी कहानी महिला प्रधान व अन्य ग्रामीणों की जुबानी बुधवार को सुनने को मिली। महिला प्रधान का सिर लहुलुहान था। उसने बताया कि कमर व पैर में बंदूक की बटों से वार किया गया। इसी बात को लेकर सांसद भैराें प्रसाद ने भी पुलिस अधीक्षक के सामने विरोध किया। कहा कि पुलिस आरोपियों को पकड़े लेकिन बेकसूरों पर लाठी डंडे बरसाएगी तो बर्दाश्त नहीं होगा। पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र के भी तेवर तीखे रहे। उन्होंने कई बार कहा कि डकैतों को संरक्षण देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने पर कई बार अडंगे आते हैं लेकिन उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा।
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मौके से मिला गेंहू दाल चावल
चित्रकूट। सीओ मऊ भानुप्रकाश ने बताया कि प्रधान के घर पर ही डकैतों के लिए भोजन बनवाया जा रहा था। इसके अलावा डकैतों को रसद सामग्री पहुंचाने की भी तैयारी थी। प्रधानपति बड़कू कोल के आवास पर तीन कुंतल गेहूं,एक-एक बोरी दाल चावल, एक बोरी देशी शराब व एक बोरे में अन्य खाद्य सामग्री रखी थी। उन्होंने दावा किया कि डकैतों को देने के लिए ही यह सामग्री थी।
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बलखड़िया को भी ऐसे ही बचाया था
चित्रकूट। पांच लाख के इनामी डाकू बलखडिया भी कई साल पहले लखनपुर गांव में फंस गया था। उस समय पुलिस अधीक्षक रघुवीर लाल ने पूरे गांव को घेरने की योजना बनाकर भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे थे। जैसे ही पुलिस वाहनों को ग्रामीणों ने देखा तो रास्ते में अवरोध लगा दिए। जिससे पुलिस को गांव के अंदर पहुंचने में समय लगा और तब तक डाकू भाग निकले थे।