चित्रकूट। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष/शिक्षक अखिलेश पांडेय की पदावनति के बाद अब बीएसए ने फर्जी प्रमाण पत्र से पदोन्नति लेने की जांच कराकर सेवा समाप्ति के आदेश जारी किए हैं। साथ ही कोतवाली में तहरीर देकर धन वसूली की नोटिस दी है। बीएसए के इस आदेश से शिक्षकों में हड़कंप है। उधर, शिक्षक नेता ने बीएसए की कार्रवाई को पक्षपात व द्वेषपूर्ण बताया है।
बताते चलें कि प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश पांडेय पर आरोप लगा कि फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कर पदोन्नति ली थी। संगठन के माध्यम से लगातार विभाग में अपनी पैठ बनाकर शिक्षक पद पर कार्यरत रहे। बीएसए ओमकार राणा से किसी बात को लेकर विवाद के बाद से कार्रवाई का दौर शुरू हुआ। यहां तक कि मानिकपुर विधायक आनंद शुक्ला ने सदन में भी मुद्दा उठाया। आरोप है कि बीएसए ने जिले में कार्यकाल के दौरान कई भ्रष्टाचार किए हैं। इस मामले की जांच एडी प्रयागराज कर रहे हैं।
पूरे मामले में शिक्षक नेता अखिलेश पांडेय ने बताया कि बीएसए व एबीएसए के भ्रष्टाचार की शिकायत विभिन्न स्तर पर की गई थी। ऐसे में उन्होंने भेदभाव व द्वेषपूर्ण कार्रवाई की है। उन्होंने सवाल उठाया कि पदोन्नति 91 शिक्षकों की हुई थी। इसमें 90 पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और अकेले द्वेषभावना से सीधे तौर पर एक शिक्षक पर कार्रवाई की है। बीएसए ओमकार राणा व एबीएसए सोमवीर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच चल रही है। ऐसे में यह अधिकारी उनसे खुन्नस में बदले की भावना से कार्रवाई की है।