चित्रकूट। साढ़े पांच लाख के इनामी डाकू गौरी यादव के साथी भालचंद्र के एनकांउटर मामले में अदालत के आदेश के बावजूद अभी तक 17 पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी है। इसी संबंध में पुलिस आज बुधवार को अदालत में अपना पक्ष रखेगी। उधर हाईकोर्ट में रिवीजन पर गई आरोपी पुलिस टीम कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाई है।
मंगलवार को इनामी भालचंद्र की पत्नी नथुनिया देवी के अधिवक्ता राजेंद्र यादव ने बताया कि नौ अक्तूबर तक अदालत ने एसपी समेत 17 एसटीएफ व पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश के मामले में पुलिस टीम ने दो दिन का और समय मांगा है। तय समय तक रिपोर्ट दर्ज न होने के कई कारण बताये जिस पर अदालत ने दो दिन का और समय दिया है। यह समय बुधवार 13 अक्तूबर को पूरा होगा। मंगलवार की रात 8 बजे तक कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। ऐसे में यह तय है कि बुधवार को पुलिस टीम फिर से अपना पक्ष रखेगी। अधिवक्ता ने दावा किया कि पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए।
कोर्ट ने 31 मार्च को हुई इस मुठभेड़ मामले में (156 -3) के तहत तत्कालीन एसपी समेत 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए थे। जिसमें दो दिनों के अंदर आख्या मांगी गई थी। समय सीमा समाप्त होने के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं किया। भालचंद्र की पत्नी नथिया व अधिवक्ता राजेंद्र यादव ने बताया कि उन्होंने अपर सत्र न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर शिकायत किया है कि अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। यह कोर्ट के आदेश की अवमानना है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने इसके लिए कोर्ट से माफी मांगी है।
मृतक भालचंद्र की पत्नी नथुनिया ने कोर्ट के माध्यम से ही अपने पति की पुलिस से बरामद सामग्री दिलाने की मांग की है। नथुनिया ने बताया कि आशंका है कि पुलिस कई सामग्री बरामदगी में नहीं दिखा रही है। जिसमें दस हजार 930 रुपये, आधार कार्ड, वोटर कार्ड और उसकी सास का आधार कार्ड भी था। इस संबंध में अधिवक्ता राजेंद्र यादव ने बताया कि मंगलवार को अदालत में सुनवाई थी लेकिन पुलिस टीम ने सामग्री नहीं दी है। इस संबंध में भी अदालत से पुलिस टीम ने समय मांगा है। इसकी सुनवाई की अगली तारीख तय की गई है।