चित्रकूट। पति-पत्नी के षड़यंत्र से युवक की हत्या के मामले की मंगलवार को सुनवाई हुई। इसमें एससी/एसटी न्यायालय ने दोषी पाने पर दंपती को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10-10 हजार रुपये अर्थदंड का जुर्माना लगाया है। मामला राजापुर थाना क्षेत्र के तीरमऊ गांव के पास वर्ष 2015 का है।
थाना राजापुर के तीरमऊ निवासी ननका ने बताया कि 28 अगस्त 2015 को गांव में परिवार में एक बरहौं कार्यक्रम था। इसमें मिरजा हकीमपुर निवासी रामहित यादव व उसकी पत्नी तुलसा देवी भी आए थे। बताया कि उसके पुत्र नान भइया की तुलसा देवी से काफी बोलचाल थी।
यह बात उसके पति रामहित को नागवार गुजरती थी। घटना के दिन भी रामहित ने पत्नी तुलसा से नान भईया को बातचीत करते देखा। इसे लेकर कहासुनी भी हुई। इसके बाद दंपती अपने गांव चले गए। रास्ते में ही योजना बनाकर तुलसा से रामहित ने नानभइया को बुलाया। तीनों गांव के एक स्कूल परिसर के पास मिले।
इसी दौरान दंपती ने धारदार हथियार से उसके बेटे नान भइया की हत्या कर दी। 29 की सुबह घटना की जानकारी हुई। इस पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमा की विवेचक तत्कालीन क्षेत्राधिकारी राजापुर सत्यवीर सिंह ने करते हुए घटना के दो दिन बाद 31 अगस्त को रामहित व पांच सितंबर 2015 को तुलसा देवी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
इनकी गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड का पूरा खुलासा हुआ था। पुलिस ने धाराएं बढाकर दंपती को जेल भेजा था। इसके बाद 15 अक्तूबर 2015 को न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया था। मंगलवार को इस मामले की सुनवाई पूरी करते हुए एससी एसटी न्यायाधीश राजमणि पाठक ने दंपती को दोषी ठहराया। दंपती को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।