28 सीकेटीपी-11- परिचय- कोषागार घोटाला मामले में समीक्षा बैठक करते डीएम व एसपी । संवाद
चित्रकूट। कोषागार में हुए 43.13 करोड़ के पेंशन घोटाला में डीएम पुलकित गर्ग ने सख्त रवैया अपनाया है। घोटाले की जांच व रिकवरी प्रगति असंतोषजनक मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। कहा कि जिन नामजद पेंशनरों द्वारा गबन रकम जमा करने में शिथिलता बरती जा रही है। उनकी संपत्तियां जब्त की जाएं। साथ ही कोषागार के नामजद अधिकारियों के बैंक खाता संचालन भी बंद किया जाए।
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम व एसपी की मौजूदगी में जिला कोषागार में हुए पेंशन घोटाला प्रकरण की समीक्षा कर प्रगति जानी। डीएम पुलकित गर्ग को वरिष्ठ कोषाधिकारी रमेश सिंह व एसआईटी जांच टीम ने बताया कि 93 पेंशनरों व पारिवारिक पेंशनरों में से 26 पेंशनरों / पारिवारिक पेंशनरों ने गबन की धनराशि को राजकोष में जमा कर दी है। शेष 67 पेंशनरों / पारिवारिक पेंशनरों ने गबन रकम जमा नहीं की है, हालांकि इस घोटाले में 3.74 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। 97 नामजद में दो कोषागार विभाग के अधिकारी समेत नामजद 32 जेल में हैं।
कई अदालत से जमानत पर हैं। समीक्षा में डीएम ने कहा कि रिकवरी के लिए पेंशनरों व उनके परिजनों को गबन की रकम जमा करने की मोहलत दी गई, फिर भी वो अदायगी नहीं कर रहे हैं। उन्होंने चेताया कि जिन पेंशनरों द्वारा गबन धनराशि जमा नहीं की जा रही है, उनसे सरकारी रकम वसूलने के लिए संपत्तियां जब्त करने की कार्रवाई की जाए। नामजद जेल में बंद व रिटायर्ड एटीओ के बैंक खाता संचालन पर भी रोक लगाई जाए।
अग्रणी बैंक प्रबंधक से कहा कि घोटाला में सम्मिलित पेंशनरों/ पारिवारिक पेंशनरों के परिवर्तित बैंक खाताें का ब्योरा एसआईटी/क्राइम ब्रांच को उपलब्ध कराएं। सहायक महानिरीक्षक निबंधन को गबन से जुड़े सेवारत व सेवानिवृत्त कोषागार कर्मचारियों, पेंशनरों-पारिवारिक पेंशनरों तथा उनके पारिवारिक संबंधियों की संपत्तियां के क्रय-विक्रय पर रोक लगाई जाए।
बैठक में एसपी अरुण कुमार सिंह, एडीएम उमेश चंद्र निगम, एएसपी सत्यपाल सिंह, बीएसए बीके शर्मा, डीआईओएस रविशंकर, उप निबंधक राजेश कुमार, एसआइटी प्रभारी अरविंद वर्मा व अजीत पांडेय आदि मौजूद रहे।