चित्रकूट। जिले से कौशांबी, प्रयागराज, बांदा जिलों की सीमाओं की हाईवे पर लाेकेशन देने वालों का जाल फैला है। शहर के प्रमुख चौराहों पर रात में लोकेशनबाजों के वाहन पूरी रात घूमते हैं। अधिकारियों की आहट पाते ही वाहनों को सड़कों खड़ा करा देते हैं।
मौरंग खदानों का संचालन शुरू होते ही लोकेशनबाजों के गैंग सड़कों पर निकल पड़ते हैं। यह गैंग अधिकारियों के आवासों के संग सभी चौराहों पर रात में वाहनों से टकटकी लगाए रहे हैं। इनका अपना व्हाट्सएप ग्रुप भी संचालित होता है। भनक लगते ही वाहन चालकों को अधिकारियों की लोकेशन और सूचना भेज देते हैं। इस समय बांदा जिले में मौरंग खदान चल रही है। वहां से मौरंग लदे वाहन जिले के सरधुवा, राजापुर से होते हुए कौशांबी जिले को जाते हैं।
इसी प्रकार भरतकूप, सदर कोतवाली, रैपुरा, मऊ व बरगढ़ थाना क्षेत्र से होकर प्रयागराज को जाते हैं। इसके अलावा जिले में कई क्रशर प्लांट भी संचालित हैं। यहां से गिट्टी लादकर वाहन इन्हीं रास्तों से गुजरते हैं। इसी हाईवे पर एआरटीओ कार्यालय भी है। फिर भी मौरंग व गिट्टी लदे वाहनों पर कार्रवाई नहीं होती है।
बिना रवन्ना के निकलते हैं ओवरलोड वाहन
जिले के अलावा बांदा जिले में खदानें शुरु होने के बाद बिना रवन्ना के ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से निकलते हैं। खदान संचालक अधिक कमाई के चक्कर में रवन्ना नहीं देते हैं। बिना रवन्ना मौरंग होने से अफसरों पर खदान के खिलाफ कार्रवाई का कोई साक्ष्य नहीं रहता है। वर्तमान में झांसी-मिर्जापुर हाईवे व राजापुर मार्ग पर लोकेटर गैंग सक्रिय हैं।
बोले जिम्मेदार
राजापुर थाना क्षेत्र में नौ, शिवरामपुर चौकी में तीन वाहनों पर कार्रवाई की गई है। साथ ही बिना नंबर के 10 से अधिक वाहनों पर प्रतिदिन कार्रवाई होती है। जिले की सीमा से निकलने वाले आवेरलोड वाहनों पर लगातार कार्रवाई चल रही है।
-रामप्रकाश सिंह, एआरटीओ