चित्रकूट। जिले में खाद की किल्लत और कालाबाजारी की शिकायतों के बाद सहकारिता समिति छीबों के सचिव के खिलाफ कार्रवाई तो कर की गई है। आरोप है कि समिति में मध्यप्रदेश के निवासियों को भी खाद दी जा रही थी। जिसके बाद किसान नेताओं और राजनीतिक दलों ने सवाल उठाए हैं।
जिले में हर साल खरीफ और रबी के सीजन में किसानों को खाद के लिए सहकारी समितियों में लंबी कतारें लगानी पड़ती हैं। किसान नेता लंबे समय से खाद की कालाबाजारी और समय पर आपूर्ति न होने की शिकायत कर रहे थे, लेकिन पहले कोई कार्रवाई नहीं होती थी। अब एक बार फिर शिकायत मिलने पर जांच के बाद यह मामला उजागर हुआ है।
किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष रुद्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि सहकारी समितियों में छोटे किसानों को काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, जबकि बड़े किसानों को आसानी से खाद मिल जाती थी। भारतीय किसान यूनियन के मीडिया प्रभारी देवेंद्र सिंह ने निजी दुकानों में भी खाद की कालाबाजारी और अधिक दाम पर बिक्री का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि दुकानदार खाद के साथ कीटनाशक और बीज लेने के लिए किसानों को बाध्य करते हैं।
देवेंद्र सिंह ने आने वाले खरीफ के मौसम में किसानों को समय से और जरूरत के मुताबिक खाद उपलब्ध कराने की मांग की। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अनुज यादव ने कहा कि यदि पहले ही जांच कर कार्रवाई की जाती तो यह नौबत नहीं आती।
बोले जिम्मेदार
सहकारिता विभाग के उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि किसानों को जरूरत के हिसाब से खाद उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि सहकारी समिति में खाद की कालाबाजारी की कोई शिकायत मिलती है, तो उसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डीएपी खाद की कालाबाजारी में सचिव पर प्राथमिकी दर्ज
राजापुर (चित्रकूट)। रामनगर ब्लॉक क्षेत्र के सहकारी समिति छीबों से 312 बोरी डीएपी खाद गायब होने के मामले में पुलिस ने सचिव के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज की है। यह कार्रवाई एडीओ की तहरीर पर की गई है।
सहायक विकास अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि सहकारी समिति छीबों में डीएपी खाद की कालाबाजारी की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों की जांच की गई तो जांच सही पाई गई। जांच में समिति की पोस मशीन व आईएफएमएस पोर्टल में 347 बोरी डीएपी दर्ज थी। मौके पर महज 35 बोरी डीएपी ही पाई गई थी। जबकि 312 बोरी डीएपी खाद गायब थी। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी पुलकित गर्ग को सौंपी गई। इस पर सचिव दिलीप कुमार को निलंबित कर दिया गया। साथ ही शुक्रवार को ही राजापुर थाना में दे दी गई थी, लेकिन जिलाधिकारी के अनुमोदन का इंतजार था। शनिवार को जिलाधिकारी से अनुमोदन मिलने के बाद आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। थाना प्रभारी लाखन सिंह ने बताया कि तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर सचिव की तलाश की जाएगी।