अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। धर्मनगरी के प्रसिद्ध बाला जी मंदिर के परिसर को क्षतिग्रस्त कर कई हिस्सों को ढहाने का आरोप महंत मंगलदास ने जिलाधिकारी को दिए पत्र में लगाया है। उन्होंने बताया कि मंदिर की ऐतिहासिक वस्तुओं व महत्वूर्ण कागजों को कुछ लोग गायब कर जबरन कब्जा करना चाहते हैं। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाए।
गौरतलब है कि धर्मनगरी के सीतापुर मार्ग पर मंदाकिनी किनारे बाला जी मंदिर बना हुआ है। मंगलवार को महंत ने बताया कि मंदिर के मुख्यद्वार के उत्तरी भाग को ढहा दिया गया है। जिससे मुगलिया जमाने की बनी कलाकृतिया कंगूरे नक्कासी को नुकसान हुआ है। मानिकपुर तहसील के ग्राम छेरिहा व जोरा माफी में मंदिर की जमीन पर होने वाली फसल को भी बेच लिया जाता है। मंदिर में रखी तिजोरी का ताला तोड़कर सोेने चांदी के मुकुट व अन्य महत्वूर्ण समान व कागजात गायब हैं।
महंत ने बताया कि इस मंदिर में कुछ लोग जबरन कब्जा करना चाहते हैं। इसकी जांच मौके पर जाकर की जा सकती है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।