डकैतों का उपद्रव एक बार फिर बढ़ गया है। हाल में कई घटनाओं से पुलिस और ग्रामीणों की नींद हराम हैं। ताजी वारदात रविवार की है, जब वन विभाग के दो संविदा कर्मियों के साथ बबुली कोल गिरोह ने मारपीट की। दोनों जिला अस्पताल में भर्ती हैं। हालांकि इन्होंने डकैतों के डर के मारे पुलिस को तहरीर नहीं दी है। उधर, घटना की जानकारी होने पर पुलिस अधीक्षक अन्य अधिकारियों और फोर्स के साथ जंगल की ओर कूच कर गए हैं। इससे घटना के संबंध में पुलिस का पक्ष नहीं जाना जा सका।
मानिकपुर थानाक्षेत्र के लक्ष्मणपुर ग्राम पंचायत के मजरे कल्याणपुर निवासी देवनारायण जजादव (45) पुत्र छोटा और रामप्रसाद कोल (40) पुत्र चुनबाद वन विभाग में संविदा पर वाचर हैं। जानकारी के मुताबिक, ये दोनों रोजाना की तरह रविवार की दोपहर रानीपुर वन्य जीव विहार में प्लांटेशन की रखवाली के लिए जा रहे थे।
दोपहर करीब तीन बजे जगदीश स्वामी की भौती के पास ढाई लाख का इनामी डकैत बबुली कोल अपने लगभग एक दर्जन साथियों के साथ इनको मिला और इनसे नामपता पूछा। भुक्तभोगियों के अनुसार, जैसे ही इन लोगों ने खुद को वनकर्मी बताया, डकैत और उसके साथी लाठी-डंडे लेकर पीटने लगे।
बाद में इन लोगों ने पुलिस को तो सूचना दी पर अपनी ओर से कोई तहरीर नहीं दी। सूचना पर पुलिस ने दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया। उधर, घटना की जानकारी होने पर पुलिस अधीक्षक केशव कुमार चौधरी और अन्य पुलिस अधिकारी फोर्स के साथ जंगल की ओर कूच कर गए। देर शाम तक कांबिंग जारी थी और इस वजह से पुलिस से घटना के बाबत बात नहीं हो सकी।
मारकुंडी थानाक्षेत्र के ग्राम पंचायत बंभिहा में डकैत गौरी यादव द्वारा स्वजातियों को फोन कर एक प्रधान प्रत्याशी के पक्ष में वोट डालने के लिए धमकाने की जानकारी मिली है। बताया जाता है कि गौरी ने रविवार को लगभग एक दर्जन स्वजातियों को फोन कर एक प्रत्याशी के पक्ष में मतदान न करने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी है। इन लोगों ने इसकी जानकारी एएसपी आरडी चौरसिया को दी है।