संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट।
एंटी करप्शन टीम का उप निबंधन कार्यालय में छापा
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। एंटी करप्शन टीम ने बृहस्पतिवार को उप निबंधन कार्यालय में कनिष्ठ लिपिक वली उज्जमा और मुंशी आनंद पाल को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों रजिस्ट्री कराने के नाम पर अवैध वसूली कर रहे थे। इस कार्रवाई के बाद से उप निबंधन कार्यालय में कामकाज ठप पड़ गया है।
एंटी करप्शन टीम बांदा के प्रभारी जाकिर हुसैन ने बताया कि पहाड़ी थाना क्षेत्र के नोनार गांव निवासी कृष्ण कुमार ने रजिस्ट्री कराने के लिए उप निबंधन कार्यालय में तैनात कनिष्ठ लिपिक वली उज्जमा से संपर्क किया था। लिपिक ने मुंशी आनंद पाल के माध्यम से रसीद के अलावा 10 हजार रुपये की मांग की। रुपये न देने पर रजिस्ट्री कराने में आनाकानी की जा रही थी। इसकी शिकायत कृष्ण कुमार ने एंटी करप्शन टीम से की।
टीम ने गोपनीय जांच कराई, जो सही पाई गई। इसके बाद बृहस्पतिवार को टीम शिकायतकर्ता के साथ उप निबंधन कार्यालय पहुंची। शिकायतकर्ता द्वारा मुंशी आनंद पाल को रुपये दिए गए, उसने रुपये लिपिक वली उज्जमा को सौंप दिए। इसी दौरान टीम ने दोनों को रिश्वत की राशि के साथ गिरफ्तार कर लिया। कार्यालय के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई है। दोनों के खिलाफ कर्वी कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पूर्व में भी दर्ज है रजिस्ट्री के मामले
गिरफ्तार कनिष्ठ लिपिक वली उज्जमा के खिलाफ फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करने के आरोप में पहले से ही कई प्राथमिकी दर्ज हैं। लोगों ने अधिकारियों से दर्जनों शिकायतें की थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पिछले दो और चार महीने पहले भी लिपिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिनकी विवेचना अभी चल रही है। यह घटना सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों को और मजबूत करती है।