राजापुर। तहसील क्षेत्र में चार क्रय केंद्र संचालित हैं पर इनमें किसानों के धान को नहीं खरीदा जा रहा। किसान मजबूर होकर बाजार में कम मूल्य पर धान बेचने को मजबूर हो रहा है। यह आरोप भाकियू के पदाधिकारियों ने लगाए हैं।
भारतीय किसान यूनियन ब्लाक रामनगर के अध्यक्ष विनय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि राजापुर तहसील अंतर्गत किसानों के हित के लिए चार धान क्रय केंद्र खोले गए हैं। जो आज शो पीस दिखाई पड़ रहे हैं। किसी केंद्र में बारदाना और किसी न किसी केंद्र में बहाना बनाकर किसानों के धान को नहीं लिया जा रहा है और व्यापारियों से साठगांठ कर बाजार का धान किसानों के नाम से ले लिया जाता है। किसान नेता ने बताया कि राजापुर धान क्रय केेंद्र अक्सर बंद रहता है और किसान चार पांच घंटे तक वहीं बैठकर इंतजार करता है। राजापुर केंद्र में लगभग दो तीन दर्जन से अधिक गांव के किसान अपनी फसल धान को लेकर क्रय केंद्रों में इंतजार करते हैं और चक्कर काटते हुए मजबूर होकर बाजार के व्यापारियों के यहां पहुंचकर औने पौने दामों में बेच देता है।
भाकियू के जिला प्रवक्ता देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी चित्रकूट के निर्देशानुसार किसानों के ट्यूबवेल के विद्युत बिल की वसूली के शख्त निर्देश दिए गए हैं। किसान इन निर्देशों का पालन तो करना चाहता है लेकिन यह मजबूर किसानों का धान घरों में डंप पड़ा है। धान केंद्रों में खरीदे न जाने के कारण आज किसान विद्युत बिल का भुगतान करने में मजबूर हो रहा है और यदि बाजार में धान बेंचता है तो उसकी लागत से कम में बिक्त्रस्ी होने के कारण किसान को काफी घाटा उठाना पड़ रहा है और किसान अपनी खेती की आय से ही शादी विवाह भी करता है। प्रशासन से मांग किया है कि किसानों के हित को देखते हुए राजापुर तहसील के अंतर्गत चारों धान केंद्रों की समुचित व्यवस्था कराई जाए। उधर धान क्रय केंद्र राजापुर के प्रभारी योगेंद्र तिवारी ने बताया कि 15 अक्तूबर से लेकर 20 नवंबर तक 508 क्विंटल धान की खरीद पुराने अवशेष बारदाने से की गई है।