चित्रकूट। कौशांबी जिला चरवा बरियावां गांव के पूर्व प्रधान अर्जुन दिवाकर की सीतापुर में निर्मम हत्या मामले में आखिरकार उसका इकलौता पुत्र ही हत्यारा निकला। कोतवाली पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी मृतक के पुत्र राजू दिवाकर को दबोच लिया है जबकि उसके दो अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है। हत्यारोपी पुत्र की मानें तो पिता कीमती जमीनों को बेचकर रंगरेलियां मनाता था जिससे वह परेशान था।
मंगलवार को सीतापुर ग्रामीण क्षेत्र में रिश्तेदार के साथ किराए के घर में रहने वाले चरवा बरियावां गांव निवासी अर्जुन की एक बाइक में आए तीन युवकों ने घर में घुसकर धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। इसके बाद तीनों स्थानीय लोगोें के खदेड़ने पर बाइक छोड़कर भाग निकले थे। बरामद बाइक मृतक के पुत्र की ही होने पर पहले ही दिन से उसके पुत्र पर पुलिस को शक हुआ। दो टीमें उसकी तलाश कर रहीं थीं। कोतवाल पंकज पांडेय ने बताया कि मृतक के पुत्र राजू को कौशांबी व फतेहपुर पास मुखबिर की सूचना पर पकड़ा है। पूछताछ के बाद स्पष्ट हो गया कि उसी ने पिता की हत्या करने की योजना अपने दो साथियों के साथ मिलकर बनाई थी। हत्या करने वह भी खुद आया था। हत्यारोपी ने बताया कि उसके पिता का चाल चलन अच्छा नहीं था। जिसके चलते उसकी मां बचपन में ही मर गई। इसके बाद पिता ने दूसरी औरत रखी और कीमती जमीन बेचने लगा। उस औरत के बाद एक और औरत के चक्कर में बची डेढ बीघा जमीन भी बेचना चाहते थे जिससे उसके आगे का भविष्य अंधकारमय हो जाता। इसीलिए उसने यह योजना बनाई। अन्य दो हत्यारोपियों की तलाश जारी है।