राजापुर( चित्रकूट) प्राचीन समग्र देवी समोगर माता मंदिर के विशाल प्रांगण में श्री सतचंडी महायज्ञ व श्री मद् भागवत महा पुराण महोत्सव के पहले दिन आचार्य लालमणि त्रिपाठी ने बताया आदि काल में जब जब देवताओं के ऊपर अत्याचार होते थे तब देवताओं के द्वारा श्री सतचंडी महायज्ञ करके दैत्यों का संहार करने के लिए मां का आवाहन किया जाता था । तब मा सतचंडी का रुप धारण करके दैत्यों का संहार कर देवताओं और ऋषी मुनियों का उद्धार और रक्षा करती थी ।कलियुग में मां सतचंडी दैवी आपदा जन कल्याण एवं देश सुख समृद्धि लाने के लिए विष्णु महायज्ञ सतचंडी महायज्ञ आदि यज्ञों का आयोजन किये जाते हैं ।
श्रीमद् भागवत कथा में वृंदावन के कथा वाचक अरविंद महराज ने बताया कि कथा अमृत के समान ज्ञान रूपी है इस महा पुराण में परम अवतार श्री कृष्ण की बाल लीलाओं से लेकर द्वारिका पुरी में स्थापित होने तक की कथा है । इस पुराण का एक श्लोक सुरसुरि के समान है जिसके श्रवण मात्र से पापों से छुटकारा मिल जाता है ।जिस प्रकार भागीरथ गंगा के दर्शन मात्र से मोक्ष मिलती जाता है । इस मौके पर ग्राम प्रधान बेराउर धीरेंद्र सिंह भाजपा नेता शिवशंकर सिंह उमेश सिंह जयशंकर मिश्रा चंद्र मोहन शुक्ला संजय उपाध्याय इंद्र बहादुर सिंह मुन्ना सिंह आदि सैकड़ों भक्त मौजूद रहे ।