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सोनभद्र से सीबीआई को मिला सुराग तो पहुंची चित्रकूट

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फोटो-5- चित्रकूट ः यौन शोषण मामले में पकड़ा गया जेई रामभवन शहर के एसडीएम कालोनी में इसी किराए के घर - फोटो : CHITRAKUTT
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संवाद न्यूज एजेंसी
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चित्रकूट। सिंचाई विभाग में तैनात जेई रामभवन तक पहुंचने के लिए सीबीआई कई माह से प्रयास कर रही थी, लेकिन उस तक पहुंचने में काफी हद तक मदद अनपरा सोनभद्र से इंजीनियर नीरज कुमार की गिरफ्तारी के बाद मिली। नीरज की गिरफ्तारी 25 सितंबर को हुई थी।
करीब 50 बच्चों के यौन शोषण में गिरफ्तार जेई रामभवन करीब दस साल से घिनौने कार्य कर रहा था। वर्ष 2012 में मुख्यालय की एक किशोरी ने खुदकुशी कर ली थी। इस मामले में परिजनों ने आरोप लगाए थे कि जेई ने उसका अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया, लेकिन मामला पुलिस मेें कहीं दर्ज नहीं हो सका। स्थानीय लोगों ने बताया कि किशोरी के ही परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग की थी। जेई के काले कारनामों का सीबीआई ने जब खुलासा किया तो कई चौंकने वाले तथ्य भी सामने आ रहे हैं। दो माह पूर्व सोनभद्र जिले में भी सीबीआई टीम ने इंटरनेशनल स्तर पर वेबसाइट पर पोर्न वीडियो अपलोड कर लाखों रुपये कमाने वालों की जांच की थी।
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इसी मामले में सीबीआई ने 25 सितंबर को अनपरा सोनभद्र से इंजीनियर नीरज कुमार को पकड़ा था। उस पर भी पोर्न वीडियो बनाने और अपलोड करने का आरोप है। सीबीआई को यहां मिले साक्ष्यों में जेई रामभवन का ई-मेल एड्रेस, मोबाइल नंबर और कई मैसेज मिले। इसी आधार पर जांच करते हुए टीम चित्रकूट आ गई। 15 दिन पूर्व ही दिल्ली में सीबीआई ने पोर्न वीडियो अपलोड होने की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।
कहीं मानसिक कुुंठा का शिकार तो नहीं था जेई
जेई रामभवन मूलरूप से नरैनी बांदा निवासी है, जबकि चालक अभय कुमार कछारपुरवा कालूपुर निवासी है। जेई 2010 से चित्रकूट में तैनात है। परिजनों के अनुसार जेई की शादी सन 2007 में हुई थी। उसके संतान नहीं है। 2013 से वह भाई के बेटे को साथ रखकर पालन-पोषण कर रहा है। पत्नी बेहद संवेदनशील व धार्मिक प्रवृत्ति की है।
अश्लील वीडियो कई बार हुए थे वायरल
चित्रकूट। नाबालिगों के साथ घिनौनी हरकतों के बाद ब्लैकमेल की खबरें तो आए दिन आती रहती थी, लेकिन इसे वेबसाइट पर अपलोड कर लाखों रुपये कमाने के मामले कम ही आए हैं। जिले के कई नामी लोगों के घरों के लोग इस काम में शामिल रहे हैं और पुलिस ने कार्रवाई भी की है।
बच्चे के यौन शोषण में मिल चुकी सजा
चित्रकूट। बच्चे के यौन शोषण में धर्मनगरी के एक आश्रम में रहने वाले साधु को सतना जिले की न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा इसी साल सुनाई थी। इसके अलावा कई और मामले अदालत में चल रहे हैं।
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अंधविश्वास के चक्कर में पड़ देते बलि
चित्रकूट। यौन शोषण के अलावा अंधविश्वास के चक्कर में पड़कर बच्चों की बलि भी दी जाती है। ऐसे भी कई मामले सामने आए हैं। मानिकपुर कस्बे में रेलवे स्टेशन के पास एक घर में बच्चे की बलि दे दी गई थी। इसमें दंपति को गिरफ्तार किया गया था।
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