चित्रकूट। लॉकडाउन के दौरान कालाबाजारी की शिकायत पर जांच करने पहुंची टीम पर आटा मिल मालिक के परिजनों ने हमला कर दिया। मिल मालिक के भाई ने एसडीएम व सीओ पर बाइक चढ़ाने की कोशिश की। मंडी सचिव पर भी हमला किया। हंगामे के बीच कुछ ग्रामीणों ने आरोपी को पुलिस के कब्जे से छुड़ा लिया। पुलिस मिल मालिक व दो अन्य को पकड़कर कोतवाली ले गई। आरोपियों के खिलाफ सरकारी अधिकारियों पर हमला करने व मिल पंजीयन के कागजात न होने की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के सिद्धपुर गांव के रास्ते पर स्थित बजरंग आटा मिल पर कई दिनों से गेहूं व आटा का स्टाक कर कालाबाजारी करने की शिकायत मिली। एसडीएम एके पांडेय ने बताया कि इसी शिकायत पर मंगलवार की शाम को गल्लामंडी सचिव विपुल कुमार केे साथ सीओ सिटी रजनीश यादव, जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुवकुमार, डिप्टी आरएमओ संजय श्रीवास्तव सुरक्षाकर्मियों के साथ मिल पर जांच करने पहुंचे। मिल मालिक जानकी सिंह से मिल पंजीयन के कागजात व उत्पादन के स्टाक का रजिस्टर मांगा। मिल मालिक कोई सही कागजात नहीं दिखा पाया। अधिकारी पूछताछ कर रहे थे तभी मिल मालिक का भाई भीम सिंह बाइक से आया और एसडीएम व सीओ पर चढ़ाने की कोशिश की। दोनों अधिकारी अपने स्थान से हटकर बच सके। सुरक्षाकर्मियों ने जब पकड़ने की कोशिश की तो भीम ने हंगामा करते हुए स्थानीय लोगों को बुला लिया। इसी बीच आरोपी ने गल्लामंडी सचिव विपुल कुमार का हाथ पकड़कर मोड़ दिया और ग्रामीणों की मदद से पुलिस की पकड़ से भाग निकला।
सूचना पर कोतवाल अनिल सिंह फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस ने मिल मालिक समेत दो अन्य को पकड़ लिया है। गल्ला मंडी सचिव ने बताया कि मिल को सीज करा दिया गया है। मिल में प्रथम दृष्टया 80 बोरी आटा, 25 बोरी गेहूं, 35 बोरी चावल व भारी मात्रा में चोकर मिला है। इन सबके कागजात नहीं मिले। आरोपी ने सरकारी काम में बाधा डालकर मारपीट की है। कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि मिल मालिक समेत उसके भाई पर दोनों मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपी की तलाश की जा रही है।