फोटो-24- जलजीवन मिशन योजना में कार्यदाई संस्था के अधिकारियों को निर्देश देते एडीएम सुनंदू सुधाकरन
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चित्रकूट। एडीएम नमामि गंगे ने जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कार्यदायाी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर को निर्देश दिए कि किसी भी काम में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
समीक्षा में पाया कि सिलौटा पेयजल परियोजना के अंतर्गत इंटेकबेल की भौतिक प्रगति 25 फीसदी ही है। एप्रोच ब्रिज और इलेक्ट्रिक पम्प हाउस का कार्य शुरू ही नहीं हुआ है। प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि दो दिनों में बाकी काम भी शुरू हो जाएंगे। तीन दिन बेल सिंकिंग कार्य चालू होगी। डब्ल्यूटीपी की भौतिक प्रगति 45 प्रतिशत तक पहुंच गई सिलौटा परियोजना में पाइप लाइन 475 में 220 किमी तक बिछा दी गई है। सभी ओवरहेड टैंक की औसत भौतिक प्रगति 39 प्रतिशत है। चांदी बांगर परियोजना में इंटेकवेल का 35 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। डब्ल्यूटीसी का 45 प्रतिशत कार्य हुआ है।
पाइप लाइन 390 किमी बिछायी जा चुकी है। कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होना चाहिए। यह जल निगम की जिम्मेदारी है। नोडल विभाग जल निगम के अधिशासी अभियंता, पीएमसी के सुपरविजन इंजीनियर, टीपीआई टीम लीडर व कार्यदाई संस्थाओं के प्रोजेक्ट मैनेजर मौजूद भी रहे।