महंत कल्याणदास जी महराज (फाइल फोटो)
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चित्रकूट के सीतापुर स्थित खोही बड़ा अखाड़ा के महंत कल्याण दास (65) चेला रामधनी दास का गुरुवार की सुबह निधन हो गया। महंत के गोलोकवासी होने से साधु संतों में शोक छा गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर शोक जताया है। चेला पंकज दास ने बताया कि महंत कई दिनों से बीमार चल रहे थे। सुबह उनकी अचानक तबियत बिगड़ गई। जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
महंत के गोंडा निवासी पुत्र संतोष कुमार ने हत्या का आरोप लगाया है। उसने कहा कि पिता को मानसिक रूप से परेशान किया जाता था। 13 दिसंबर को फोन पर हुई बातचीत में पिता ने परेशान करने की जानकारी दी थी। करीब 10 वर्ष पहले इसी अखाडे़ के एक महंत की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
महंत रामदास के निधन के बाद वर्ष 2011 में वह महंत बने थे। पहले वह बांदा के नरैनी बूढा के हनुमान मंदिर में पुजारी थे। टिटिहरा मंदिर में भी पुजारी रहे। इसके बाद वह चित्रकूट आ गए थे। बड़ा अखाड़ा कामतानाथ तृतीय मुखार बिंद में महंत कल्याण दासजी महराज बीते 12 साल से महंत नियुक्त थे।
कुछ दिन पहले वह सीएम योगी आदित्यनाथ से भी मिलने गए थे। उन्होंने सीएम से अखाड़ा को गोरक्षापीठ गोरखपुर के आधीन करने की इच्छा जाहिर की थी लेकिन मुख्यमंत्री ने संत परंपरा के अनुसार कार्य करने की बात कही थी। गुरुवार की सुबह काफी देर तक मंहत कल्याण दास जी महाराज कक्ष से बाहर नहीं आए तो करीब आठ बजे शिष्य पहुंचे और उन्हें ब्रह्मलीन पाया।
इसकी जानकारी मिलते ही संत समाज में दुख का माहौल बन गया। वहीं सूचना के बाद एएसपी शैलेंद्र कुमार भी पहुंच गए और उन्होंने कक्ष को सील करा दिया। पुलिस ने पुत्र को सूचना दी है, वह गोंडा से चित्रकूट के लिए रवाना हो गए हैं। वहीं बड़ा अखाड़ा में संतों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया है।