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Chitrakoot News: चित्रकूट-फतेहपुर पुल निर्माण बजट के अभाव में अटका, नाव से सफर मजबूरी

Wed, 18 Feb 2026 12:14 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
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फोटो 17सीकेटीपी 04 नाव से यमुना नदी पार करते लोग। संवाद
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राजापुर (चित्रकूट)। चित्रकूट और फतेहपुर जिलों को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित पक्के पुल का निर्माण बजट की कमी के चलते अधर में लटका है। दो साल पहले सर्वे और नक्शा तैयार होने के बावजूद धनराशि आवंटित नहीं हो पाई है। ऐसे में स्थानीय लोग नाव के सहारे यमुना नदी पार करने को विवश हैं। इस पुल के निर्माण से दोनों जिलों के बीच की दूरी लगभग 20 किमी कम हो जाएगी, जिससे एक लाख से अधिक लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
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चित्रकूट के चिल्लीमल और फतेहपुर के गाजीपुर धाने के बीच यमुना नदी पर प्रस्तावित नौ सौ मीटर लंबे इस पुल के निर्माण के लिए दो वर्ष पूर्व ही सर्वे और डिजाइन का कार्य पूरा कर लिया गया था। स्थानीय निवासियों को उम्मीद थी कि हाल ही में जारी हुए बजट में इसके लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान किया जाएगा लेकिन उनकी आशाओं पर पानी फिर गया। पुल निर्माण के लिए एक रुपया भी आवंटित नहीं हुआ, जबकि वर्षों से इसकी मांग चली आ रही है।

फिलहाल, लोगों को आवागमन के लिए किशनपुर या राजापुर के पुलों का सहारा लेना पड़ता है। इन वैकल्पिक मार्गों से यात्रा करने पर लगभग 30 से 40 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। सबसे अधिक समस्या बारिश के मौसम में होती है, जब नदी में बाढ़ आ जाती है। उस समय नाव से यात्रा भी जोखिम भरा रहता है। इससे न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि यात्रा का आर्थिक बोझ भी बढ़ जाता है। पुल निर्माण से यह समस्या समाप्त हो जाएगी और दोनों जिलों के बीच संपर्क सुगम हो सकेगा, जिससे व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हो जाएगी।
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गाजीपुर निवासी गोवर्धन निषाद ने बताया कि पुल बनने के बाद से हम लोगों को करीब 35 किमी का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। समय की भी बचत होगी। आवागमन में आसानी होगी।







चिल्लीमल सुशील मिश्रा ने बताया कि पक्का पुल निर्माण के लिए कई बार मांग की गई है, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी है।



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दिलीप विश्वकर्मा का कहना है कि बजट में नाम न होने से परियोजना की मंजूरी में और देरी की आशंका बढ़ गई है। कई सामाजिक संगठनों ने भी पुल निर्माण की मांग की है।







जनप्रतिनिधि भी लिख चुके पत्र



सदर विधायक अनिल प्रधान का कहना है कि क्षेत्रवासियों की मांग पर पक्के पुल निर्माण के लिए शासन को पत्र भेजा है। अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। इसकी प्रक्रिया कई सालों से चल रही है। अभी तक बजट जारी नहीं हुआ है। वहीं पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल, पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय भी पुल निर्माण के लिए पत्र भेज चुके हैं। वहीं फतेहपुर के खागा की विधायक कृष्णा पासवान भी विधान सभा में पुल निर्माण का मुद्दा उठा चुकी हैं।





50 से अधिक गांवों के ग्रामीणों को मिलेगी सुविधा

यमुना नदी पर पक्का पुल बनने के बाद चित्रकूट जिले के चिल्ली मल, चिल्ली राकस, बिलास, चांदी बांगर, वीर धुमाई सुर्की, केशव का डेरा, धुमाई, हरीसनपुर, सुरसेन, गड़ौली, धौरहरा, अतरौली माफी, दुबे का पुरवा सहित अन्य गांव हैं। इसी प्रकार फतेहपुर के विजयीपुर ब्लॉक के चंदापुर, गाजीपुर, दरियापुर, गिरधारीपुर, कोट, दौलतपुर, धाना, बरार, कुल्ली, रहमतपुर, मानपुर सहित अन्य गांवों के लोगों का आवागमन आसान हो जाएगा।

पुल की डिजाइन बनाने के साथ सर्वे भी हो चुका है। प्रस्ताव शासन पर अटका हुआ है। बजट पास होते ही काम शुरु कराया जाएगा। पुल बनने के बाद लोगों को आवागमन में आसानी होगी। जितेंद्र सिंह, अधिशाषी अभियंता, लोनिवि के प्रांतीय खंड।

फोटो 17सीकेटीपी 04 नाव से यमुना नदी पार करते लोग। संवाद

फोटो 17सीकेटीपी 04 नाव से यमुना नदी पार करते लोग। संवाद

फोटो 17सीकेटीपी 04 नाव से यमुना नदी पार करते लोग। संवाद

फोटो 17सीकेटीपी 04 नाव से यमुना नदी पार करते लोग। संवाद

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