चित्रकूट। न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय की न्यायाधीश अंजलिका प्रियदर्शनी ने एक दोषी को न्यायालय उठने तक सजा दी। साथ ही उस पर 12 सौ रुपये जुर्माना भी लगाया। यह फैसला थाना रैपुरा में वर्ष 2017 में पंजीकृत आयुध अधिनियम के तहत सुनाया गया।
रैपुरा थाना पुलिस के अनुसार वर्ष 2017 में शंकर गुप्ता उर्फ शंकर लाल को आयुष अधिनियम के तहत पकड़ा था। बाद में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इस मामले की विवेचना कर विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान उन्होंने पक्ष व विपक्ष की दलीलें सुनीं और आरोपी को दोषी करार दिया। मंगलवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय की न्यायाधीश सुश्री अंजलिका प्रियदर्शनी ने दोषी शंकर गुप्ता उर्फ शंकरलाल को न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई। (संवाद)