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चित्रकूटःमौसम की बेरूखी से किसानों को भुगतना पड़ रहा खामियाजा

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फोटो- 3- सरैंया क्षेत्र में बारिश व ओलावृष्टि से प्रभावित फसल - फोटो : CHITRAKUTT
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चित्रकूट। जाडे़ में मौसम की बेरूखी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। साथ ही ओलावृष्टि होने, बदली छाने व कोहरा होेने से फसल मेें पाला पड़ गया है। जिससे किसानों की फसल नष्ट हो रही है। जिन किसानों ने देर से गेहूं की बुआई किया है उसके बीज भी सड़ गए।
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जनवरी के प्रथम सप्ताह में बारिश होने से मऊ क्षेत्र के वियावलख्ताड़ी, सकरौंहा, चकौर, विसौंधा, धुनवा, देउधा, कटैयाखादर, बराछी, सिलौटा, करही, बेरठी, लुधौरा, व रामनगर सहित मानिकपुर क्षेत्र के चंद्रामारा, सरैंया, गढ़चपा, सेमरहदा, अमचेरूनेरूआ, छेछरिया, किहुनिया, जोरामाफी, इटावा, आदि गांवों में ओलावृष्टि हुई थी। जिससे किसानों की फसल नष्ठ हो गई थी। यह बात प्रशासनिक अधिकारियों ने सर्वेक्षण कराने के बाद भी मानी है। वह आए दिन बारिश होने के साथ ही कोहरा छाया रहता हैं। जिससे पाला पड़ने से अरहर, मसूर की फसल खराब हो रही है। जबकि सरसों की फसल में माहूं व कीटपंतग होने से नुकसान हो रहा है।
चित्रकूट। इस साल गेहूं की फसल की बुआई किसानों ने देर किया। मौसम सही न होने के कारण खेतों में नमी अधिक होने के कारण बीज बर्बाद हो गए। वहीं कई किसानों ने खेतोें में नमी अधिक होने के कारण बीज ही नहीं बोए।
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चित्रकूट। प्रशासनिक अधिकारियों ने बीते दिनों ओलावृष्टि व बारिश होने से हुए नुकसान का सर्वे कराया। सबसे अधिक नुकसान मऊ व मानिकुर क्षेत्र में हुआ है। जहां सरसों, अरहर, मसूर और जौ को नुकसान हुआ है। मऊ क्षेत्र के सिलौटा, देवीपुर, जोरवारा, करही, धुनुवा, विसौंधा, बराछी, ताड़ी, चकौरा, कटैयाखादर, रामनगर में सर्वे के आधार पर चना 10-15 प्रतिशत, गेहूं 20-25, सरसो 10-15, जौ 3 -15 प्रतिशत का नुकसान हुआ। इसी तरह से मानिकपुर तहसील के किहुनिया, चंद्रामारा, अमचेरूनेरूआ, छेछरिया, चंद्रामारा, इटवा, में भी इन फसलों को 10 - 20 प्रतिशत फसल को नुकसान हुआ है।
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चित्रकूट। एडीएम जीपी सिंह ने बताया कि मौसम के खराब होेने व ओलावृष्टि से किसानों की फसल के नुकसान का सर्वे कराकर शासन को भेजा गया है।
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