चित्रकूट/भरतकूप। एक सप्ताह से भरतकूप थानाक्षेत्र के बरूआ बांध में पूर्व ब्लाक प्रमुख के नाती व सपा नेता भरत दिवाकर की तलाश के बाद सोमवार को एसडीआरएफ की टीम भी लौट गई। सपा नेता के बांध में ही डूबकर मरने की संभावना पर चल रही तलाश के बाद अबतक कुछ पता नहीं चला। नाविक को पुलिस ने जेल भेजा है। थानाध्यक्ष ने बताया कि अब अन्य पहलुओ पर छानबीन की जाएगी।
गौरतलब है कि 14 जनवरी मंगलवार की रात से पत्नी मीनू के साथ गायब हुए सपा नेता भरत दिवाकर का बरुआ बांध में सात दिन बीतने के बावजूद कुछ पता नहीं चल सका। एसडीआरएफ व बिहार के मछुवारे लगातार बांध में बड़े-बड़े जाल व स्टीमर लगातार खोजबीन कर रहे हैं। सोमवार की शाम तक कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम वाराणसी लौट गई है। टीम प्रभारी नितिश शुक्ला ने यहां तक कह दिया कि अब तो उम्मीद नहीं है कि बांध में किसी का शव होगा। पूरा प्रयास कर लिया गया है। एसडीआरएफ व बिहार के मल्लाह के प्रयास से सपा नेता की पत्नी का शव व कांड में प्रयुक्त नाव को बांध से ही बरामद किया गया है।
इधर मृतकरा मीनू के पिता की तहरीर पर सपा नेता भरत दिवाकर व साथी नाविक रामसेवक पर दर्ज हुए हत्या के मामले में पुलिस ने नाविक को जेल भेजा है। रविवार को बांध से नाव तो निकाल ली गई, लेकिन सपा नेता अभी तक लापता है। ऐसे में पुलिस अब दूसरे पहलुओ पर जांच करने की बात कह रही है।
एक सप्ताह बीतने के बाद भरत दिवाकर के बारे में जानकारी न होने पर लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। इस संबंध में थानाध्यक्ष संजय उपाध्याय ने बताया कि अभी तक सपा नेता का कोई सुराग नहीं मिला। अब अन्य पहलुओं पर भी पड़ताल शुरू करेंगें। खासकर भरत दिवाकर के परिजनों से भी गंभीरता से पूछताछ होगी और उनके फोन का काल डिटेल देखा जाएगा। जेल गए नाविक का दावा था कि महिला का शव बांध में फेंकने के बाद पानी से तैरकर लौटते समय वह बाहर आ गया लेकिन भरत पानी में डूब गया है।