चित्रकूट। जिला अस्पताल में गुरुवार की दोपहर ई-रिक्शा से आई गर्भवती ने अस्पताल गेट पर ही बच्चे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि जच्चा-बच्चा वार्ड और इमर्जेंसी गेट बंद होने के कारण वे लोग काफी देर तक भटकते रहे। इसी कारण मुख्य गेट पर ही प्रसव हो गया।
सीतापुर चौकी क्षेत्र के कटरा गूदर गांव की गर्भवती संतोषी पत्नी जुगुल गुरुवार को प्रसव के लिए परिजनों के साथ जिला अस्पताल आई। उसे अस्पताल के पिछले हिस्से में बने प्रसव कक्ष की ओर ले जाया गया, लेकिन दरवाजा बंद था।
इस पर इमरजेंसी वार्ड की ओर लाया या, लेकिन वह भी बंद मिला। प्रसव पीड़ा बढ़ने पर मुख्य गेट तक पहुंचने के पहले ही प्रसव हो गया। सूचना मिलते ही अस्पताल का स्टाफ पहुंचा और जच्चा-बच्चा को वार्ड में भर्ती कराया।
इस संबंध में सीएमएस डॉ. सुधीर कुमार शर्मा ने बताया कि जिला चिकित्सालय में एक ही गेट से प्रवेश होता है। सभी गेट खोलने से सामग्री चोरी हो जाती है। आवारा कुत्ते भी अंदर आ जाते हैं। ऐसे में एक ही गेट खुलवाया गया है।