फोटो-9- मानिकपुर में घूमते अन्ना मवेशी। संवाद
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मानिकपुर। अन्ना मवेशी क्षेत्र के लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। रात दिन सड़कों पर मवेशियों के घूमने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। फसल भी बरबाद कर देते हैं। मानिकपुर क्षेत्र में सरहट ग्राम पंचायत में कान्हा गोशाला दो साल से अधूरी पड़ी है।
मानिकपुर नगर पंचायत केे पूर्व अध्यक्ष नत्थू कोल ने बताया कि गोशाला का निर्माण दो साल से रुका हुआ है। मानिकपुर निवासी एजाज हसन सिद्दीकी, मो. फारुख ने बताया कि अन्ना मवेशियों के कारण सड़कों पर निकलना मुश्किल हो जाता है। किसान दयाराम, भइयालाल ने बताया कि कस्बे के पास स्थित सरहट, चुरेह केसरुवा आदि गांवों में अन्ना मवेशी खेतों में खड़ी फसल को खा जाते हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान अन्ना मवेशियों से छुटकारे का मुद्दा प्रमुख रूप से उठा था।
नगर पंचायत मानिकपुर के अधिशासी अधिकारी रामाशीष वर्मा ने बताया कि मवेशियों को एफसीआई गोदाम में बनी अस्थायी गोशाला में रखा जा रहा है। सुबह चरवाहे ले जाते हैं शाम को फिर से अस्थायी गोशाला में छोड़ देते हैं। सरहट ग्राम पंचायत में एक करोड़ 65 लाख रुपये की लागत से आठ बीघे पर गोशाला का निर्माण होना है। पहली किस्त 82 लाख रुपये मिल चुकी है। इससे निर्माण शुरू कराया गया था। दूसरी किस्त नहीं आने से निर्माण पूरा नहीं हो सका है।