चित्रकूट। प्रदेश के नागरिक उड्डयन मंत्री/जनपद प्रभारी मंत्री नंद गोपाल नंदी की अध्यक्षता में जिला योजना समिति की बैठक के दौरान वर्ष 2020-21 की जिला योजना संरचना में 18170 लाख रुपये की योजनाओें को हरी झंडी मिल गई है। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि गांव में सड़कें बनवाई जाएं, रास्ते न होने के कारण अपराध होते हैं। सड़कों के किनारे वृक्षारोपण का भी प्रस्ताव रखा और पेयजल योजना को लेकर कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के हर मजरा व गांव तक योजना का लाभ मिले।
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला प्रभारी मंत्री ने कहा कि जिन विभागों को वन विभाग से एनओसी नहीं प्राप्त हुई है वह जिलाधिकारी से निस्तारण करायें। विकास कार्यों को धरातल पर करायें। सरकार सबका साथ सबका विकास व सबका विश्वास को लेकर कार्य कर रही है। शासन की मंशा के अनुरूप कार्यों को गुणवत्ता युक्त कराया जाये। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं की स्वीकृति मिली है, उसमें भ्रष्टाचार नहीं होना चाहिए। शिकायत पर कड़ी कार्रवाई होगी। सांसद आरके सिंह पटेल ने प्रभागीय वनाधिकारी से कहा कि बुंदेलखंड पेयजल योजना का जो डीपीआर बनाया गया है। उसे भी उपलब्ध करायें। ताकि कोई मजरा व गांव रह न जाये। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी से कहा कि जिला विकास अधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन कर डीपीआर की जांच करायें। सांसद तथा विधायक मानिकपुर ने अधिकारियों से कहा कि क्षेत्र में जो कार्य कराये जाते हैं उसकी जानकारी उपलब्ध करायें और जो भी कार्य कराये जायें वह सरकार की मंशा के अनुरूप गुणवत्तायुक्त कराएं।
डीएम शेषमणि पांडेय ने कहा कि दिए गए दिशा निर्देशों का समयबद्धता व गुणवत्ता, पारदर्शिता के साथ योजनाओं पर कार्य कराकर पूर्ण किया जायेगा। बैठक का संचालन मुख्य विकास अधिकारी डा. महेंद्र कुमार ने किया। इस अवसर पर मानिकपुर विधायक आनंद शुक्ला, भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्र प्रकाश खरे, समिति में नामित क्षेत्र पंचायत/जिला पंचायत सदस्य, परियोजना निदेशक अनय कुमार मिश्रा, डीसी मनरेगा दयाराम, एनआरएलएम रामउदरेज यादव, प्रभागीय वनाधिकारी कैलाश प्रकाश, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राजेश कुमार सहित जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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इस विभाग में खर्च होगा इतना
चित्रकूट। कृषि विभाग को 41 लाख, पशु पालन विभाग को 111.80 लाख, दुग्ध विकास को 33.17 लाख, वन विभाग 1160 लाख, ग्राम्य विकास के विशेष कार्यक्त्रस्म 1250 लाख, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) 5949.49 लाख, पंचायती राज 17.46 लाख, निजी लघु सिंचाई 278 लाख, अतिरिक्त ऊर्जा श्रोत 14.20 लाख, खादी एवं ग्रामोद्योग 0.50 लाख, रेशम विकास 9.70 लाख, सड़क एवं पुल 350 लाख, पर्यावरण 2 लाख, पर्यटन 100 लाख, माध्यमिक शिक्षा में व्यवसाय शिक्षा पाठ्यक्त्रस्मों में 20 लाख प्रादेशिक विकास दल 375 लाख, होम्योपैथिक 5 लाख, एलोपैथिक 15 लाख, ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्त्रस्म 581.28 लाख, ग्रामीण आवास 5029.20 लाख, नगर विकास पेयजल योजना 1281.72 लाख, अनुसूचित जाति कल्याण 220 लाख, समाज कल्याण (सामान्य जाति) 40 लाख, अल्पसंख्यक कल्याण में 22.65 लाख, समाज कल्याण 426 लाख, दिव्यांग कल्याण में 4.50 लाख, महिला एवं बाल कल्याण में 450 लाख रुपये की योजनाएं स्वीकृत हुई हैं।