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Chitrakoot News: बीएसए कार्यालय के बगल स्कूल में टाट पट्टी पर बैठकर बच्चे कर रहे पढ़ाई

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टाट पट्टी पर बैठकर पढ़ते बच्चे।  - फोटो : संवाद
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चित्रकूट। परिषदीय विद्यालयों में 90 फीसदी बच्चों को बेंच पर बैठकर पढ़ाई का दावा हवा हवाई है। मुख्यालय सहित कई स्कूलों में अभी तक फर्नीचर नहीं पहुंचे हैं। इससे बच्चों को टाट पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। पड़ताल में कई स्कूलों में बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ते मिले, जबकि शिक्षा विभाग 90 फीसदी स्कूलों में बेंच पर बैठकर पढ़ने का दावा कर रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी की टीम गुरुवार को जिला पंचायत कार्यालय के बगल स्थित कंपोजिट विद्यालय पहुंची। वहां पर दो कमरों में बेंच पर बैठकर बच्चे पढ़ाई करते मिले। बरामदे में टाट पट्टी पर बैठकर दो कक्षाओं के बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। यहां पर 110 छात्र-छात्राए हैं। यहां इंचार्ज प्रधानाध्यापिका ललिता सिंह और शिक्षामित्र दीपा गुप्ता तैनात हैं।
सुबह 11 बजे बीएसए कार्यालय के बगल स्थित प्राथमिक स्कूल पहुंची तो यहां एक भी बेंच नहीं दिखी। बच्चे टाट पट्टी पर ही बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। जो विभाग के दावों की पोल खोल रहे हैं। यूआरसी के कंपोजिट व सीनियर बालिका विद्यालय में बच्चे बेंच पर बैठकर पढ़ाई करते मिले। इन दोनों स्कूलों में बेंच की व्यवस्था है।
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इनसेट

क्षेत्रीय स्कूलों का हाल यही

पाठकपुरवा प्राथमिक विद्यालय मऊ के प्रधानाध्यापक अरविंद सिंह ने बताया कि 26 छात्र-छात्राएं हैं। फर्नीचर की व्यवस्था नहीं है। प्राथमिक विद्यालय बरियाकला मऊ, प्राथमिक विद्यालय पहाड़ी की किसी कक्षा में फर्नीचर नहीं है। प्राथमिक विद्यालय गडरियनपुरवा, बरेठी, बसिंघा, उफरौली, लोढौता, अहीरका पुरवा, गणेशनपुरवा, कंपोजिट विद्यालय सकरौंहा, गजटा ऐंचवारा, अमरपुर, खोहर, देवल, उत्तमपुर, बरमपुर पहाड़ी, बरद्वारा प्रथम, द्वितीय, केवटनपुरवा, तीर घुमाई गंगू, हस्ता, प्रसिद्धपुर, भेड़ा, पवरीकला, लौघटा, इटवां, देउंधा, नटोंकाडेरा, अगरहुंडा,सकरौली, चिल्लीराकस, कल्याणपुरखास, केकरामार, प्राथमिक विद्यालय मानिकपुर, भभेंट, मलवारा,बिनौरा, मझगवां में बच्चे टाट पटटी या फर्श पर बैठने को मजबूर हैं।

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फर्श पर बैठते हैं ज्यादातर बच्चे

प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश पांडेय ने बताया कि हर बार स्कूलों में फर्नीचर देने की बात जोरों से होती है, लेकिन इस पर अमल तो दिखता नहीं। खासकर प्राइमरी के बच्चों की पढ़ाई कान्वेंट स्कूलों के मुकाबले इसीलिए भी नहीं सुधर रही है। ज्यादातर प्राइमरी स्कूलों के बच्चे फर्श या टाट पट्टी पर ही बैठते हैं।

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एक माह में पहुंच जाएंगे फर्नीचर
बीएसए बीके शर्मा ने बताया कि जूनियर स्कूलों में 90 प्रतिशत फर्नीचर की व्यवस्था हो गई है। कुछ स्कूलों में फर्नीचर नहीं पहुंचा है। प्राइमरी स्कूलों में कम फर्नीचर पहुंचा है। एक माह के अंदर प्राइमरी के भी 90 प्रतिशत स्कूलोें में फर्नीचर पहुंच जाएगा। जल्द ही जिले भर की व्यवस्था में सुधार कराया जाएगा।
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